महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल को हिला कर रख दिया है। खुद को “कैप्टन” और ज्योतिषी बताने वाला अशोक खरात अब गंभीर आरोपों के घेरे में है। उन पर एक महिला द्वारा दुष्कर्म और धार्मिक आड़ में शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, SIT की कमान आरपीएफ पुणे की कमांडेंट तेजस्वी सातपुते को सौंपी गई है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
नासिक मामला क्या है? अशोक खरात केस की पूरी कहानी

यह मामला तब सामने आया जब एक 28 से 35 साल की महिला ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि खरात ने उसे अपने जाल में फंसाने के लिए पहले डर और भविष्यवाणी का सहारा लिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे बताया कि उसके पति की जान को खतरा है और इसी बहाने उसे अपने ऑफिस बुलाया। वहां उसे कथित रूप से नशीला पेय पिलाकर कई बार दुष्कर्म किया गया। यह सिलसिला कई सालों तक चलता रहा।
नासिक बाबा कांड: कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
अशोक खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषी के रूप में पेश करता था। नासिक में उसने एक ट्रस्ट बनाकर मंदिर और धार्मिक गतिविधियों के जरिए अपनी पहचान बनाई थी।
लोगों के बीच उसकी छवि इतनी मजबूत हो गई थी कि कई बड़े नेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग भी उसके संपर्क में बताए जाते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर वह कथित रूप से लोगों को प्रभावित करता था।
करोड़ों की संपत्ति और आलीशान नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि खरात ने पिछले कुछ सालों में बड़ी संपत्ति खड़ी कर ली थी। अनुमान के मुताबिक उसकी संपत्ति करीब 200 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। उसके पास नासिक, शिरडी और आसपास के इलाकों में जमीन, फार्महाउस और कई प्रॉपर्टी होने की जानकारी मिली है। अब SIT इन सभी संपत्तियों की जांच कर रही है।
100 से ज्यादा वीडियो और डिजिटल सबूत
जांच के दौरान पुलिस को एक पेन ड्राइव और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले हैं। शुरुआती जानकारी में करीब 100 से ज्यादा वीडियो मिलने की बात सामने आई है। इनमें से कुछ वीडियो बेहद आपत्तिजनक बताए जा रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इनका इस्तेमाल किसी महिला को ब्लैकमेल करने या डराने के लिए किया गया था। इसके अलावा दो लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
पूर्व सहायक भी जांच के घेरे में
इस केस में नया मोड़ तब आया जब खरात के पूर्व कार्यालय सहायक नीरज जाधव को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस को शक है कि वह CCTV फुटेज और अन्य वीडियो को एडिट या कॉपी करके ब्लैकमेलिंग में शामिल हो सकता है। इससे जुड़ा एक पुराना केस की भी जांच अब SIT के हवाले कर दी गई है।
राजनीतिक हलचल भी तेज
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। आरोपों के बाद कई नेताओं के नाम और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिसके बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। वहीं महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने भी विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठा रही हैं।
जांच अभी जारी, और खुलासों की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं। बरामद वीडियो और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे के लोगों को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
नासिक का यह मामला सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि आस्था, धोखे और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़ा एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है। SIT की जांच पर अब पूरे महाराष्ट्र की नजर टिकी हुई है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सच सामने आता है और कितने लोग इस पूरे मामले में और जुड़े पाए जाते हैं।
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