भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम (MP Mausam) ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं ने राज्य के कई हिस्सों में रोज़मर्रा की ज़िंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने 34 ज़िलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना और अन्य इलाकों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने के जोखिम की चेतावनी दी गई है।
एक साथ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से पूरे राज्य में मौसम खराब हो गया है। पिछले दो दिनों से, लगातार बारिश, तूफ़ान और ओलावृष्टि का असर विभिन्न ज़िलों में देखा जा रहा है। शुक्रवार सुबह से ही राजधानी भोपाल सहित कई ज़िलों में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश जारी है।
ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं ने किसानों की चिंताएं बढ़ाईं
मौसम विभाग के अनुसार, उज्जैन, पांढुर्ना, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओलावृष्टि हुई है। तेज़ हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में लगभग आधा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित दो दर्जन से ज़्यादा ज़िलों में तेज़ हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं।

तापमान में भारी गिरावट, पचमढ़ी में पारा 12.6°C तक गिरा
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण, पूरे राज्य में तापमान में गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 12.6°C दर्ज किया गया। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 15°C और भोपाल में 16.6°C दर्ज किया गया।
इन ज़िलों में बारिश और तेज़ हवाएं
मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्ना में तेज़ हवाओं के साथ बारिश दर्ज की है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा मौसम प्रणाली की लगातार सक्रियता के कारण, राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों तक गरज और बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।
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जन-जीवन अस्त-व्यस्त
कई ज़िलों में हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। इसके परिणामस्वरूप, बिजली आपूर्ति और यातायात आवागमन बाधित होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के 22 मार्च के बाद कमज़ोर पड़ने की उम्मीद है, जिसके बाद पूरे राज्य में तापमान फिर से बढ़ना शुरू हो जाएगा। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री के आँकड़े को भी पार कर सकता है।
भोपाल में दिन की तेज़ गर्मी के बीच बारिश
भोपाल में, मार्च के महीने में आमतौर पर एक ऐसा रुझान देखने को मिलता है जहाँ दिन की तेज़ गर्मी के साथ-साथ बारिश भी होती है। मौसम विभाग के अनुसार, गर्मी का मौसम आधिकारिक तौर पर मार्च में ही शुरू हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप, दिन और रात दोनों का तापमान बढ़ना शुरू हो जाता है।
आँकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि 30 मार्च, 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचकर 41 डिग्री सेल्सियस हो गया था। इसके विपरीत, 45 साल पहले 9 मार्च, 1979 की रात को पारा गिरकर 6.1 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया था। वर्ष 2014 और 2023 के बीच, अधिकतम तापमान केवल दो मौकों पर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, बाकी सभी वर्षों में, पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।

















