Calamitous Rains: कई राज्यों में अचानक हुई ओलावृष्टि से खड़ी ज्वार की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज़ ओलों और हवाओं ने ज्वार के खेतों को पूरी तरह से ज़मींदोज़ कर दिया है, जिससे पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बुधवार को कई राज्यों में मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके साथ तेज़ हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि हुई।
मौसम में इस अचानक बदलाव और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले की अक्कलकोट तहसील में अचानक हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। घोलासगांव इलाके में ज्वार की फसलें पूरी तरह से ज़मीन पर बिछ गई हैं। ओलावृष्टि ने किसानों की कड़ी मेहनत से उगाई और काटी गई फसल को तबाह कर दिया है, जिससे किसान बदहाली की कगार पर पहुंच गए हैं।
खड़ी ज्वार की फसलों को भारी नुकसान
अचानक हुई ओलावृष्टि से खड़ी ज्वार की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी ओलों और हवाओं के कारण ज्वार की फसल पूरी तरह से ज़मीन पर गिर गई। इससे किसानों की पहले से चली आ रही आर्थिक तंगी और भी बढ़ गई है। गुड़ी पड़वा का त्योहार होने के बावजूद, ओलावृष्टि ने अक्कलकोट तहसील के कई किसानों पर आफत ला दी है।
साल भर की कड़ी मेहनत के साथ तैयार बैठे किसानों को एक ही पल में अपनी फसलें गंवाने से गहरा सदमा लगा है। किसान मांग कर रहे हैं कि सरकार तत्काल ‘पंचनामा’ (नुकसान का आकलन करने वाली रिपोर्ट) तैयार करे और उन्हें हुए नुकसान का मुआवज़ा दे। स्थानीय प्रशासन से भी यह उम्मीद की जा रही है कि वे तत्काल घटनास्थल का दौरा करें, निरीक्षण करें और प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाएं।

गुजरात में कई जगह तेज़ हवाओं के साथ गिरे ओले
इसके अलावा, गुरुवार दोपहर को गुजरात में बारिश का एक और दौर देखने को मिला, जिसके साथ ओले गिरे और तेज़ हवाएं चलीं। कच्छ इलाके में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, मौसम विभाग ने राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य में मौसम का मिजाज बदल गया है। बेमौसम बारिश और तूफ़ान के पूर्वानुमान को देखते हुए, कल देर रात से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम में बदलाव आ गया था। बेमौसम बारिश के कारण किसान चिंतित हैं।
अगले 48 घंटों के लिए बेमौसम बारिश का पूर्वानुमान
राज्य में अगले 48 घंटों तक बेमौसम बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। इसके चलते, आज भी कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। इसी बीच, मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
इस बीच, आज कच्छ, जामनगर, राजकोट, मोरबी, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, दीव, अमरेली, बनासकांठा, साबरकांठा और पाटन में ओलावृष्टि के साथ बारिश होने की उम्मीद है। कल, 20 तारीख को, बनासकांठा, साबरकांठा, अरावली, महीसागर, पंचमहल, दाहोद, छोटा उदयपुर और कच्छ, अमरेली और भावनगर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
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बेमौसम बारिश से गेहूं किसानों को भारी नुकसान
इसके अलावा, हरियाणा के रेवाड़ी में भारी बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अचानक हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की गेहूं की फसलें ज़मीन पर गिर गईं, जबकि अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी सरसों की फसलें भी भीग गईं और कई किसानों की फसलें बह गईं।
बुधवार को हरियाणा में मौसम अचानक खराब हो गया। देर शाम रेवाड़ी में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। शुरुआत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। इसके बाद शहर के कई इलाकों में बारिश और भारी ओलावृष्टि हुई। किसान चिंतित थे क्योंकि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा था।
अनाज मंडी में रखी सरसों की फसल बर्बाद हो गई।
किसानों ने बताया कि अचानक हुई बारिश के कारण उनकी सरसों पूरी तरह से भीग गई और बह गई। नतीजतन, उनके पास थ्रेशर या परिवहन शुल्क के लिए कोई पैसा नहीं बचा है। बारिश ने किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। रेवाड़ी मंडी भी तीन दिनों के लिए बंद कर दी गई है। किसान निराश होकर घर लौट रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अभी तक सरकार से बीमा का पैसा नहीं मिला है, तो इस बार वे क्या उम्मीद कर सकते हैं?

















