कृषि सखी पहल: भारत में खेती केवल फसल उगाने तक ही सीमित नहीं, बल्कि यह करोड़ो परिवारों की जिंदगी का आधार भी है। लंबे समय तक इस खेती में महिलाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। परंतु उन्हें पहचान नहीं मिली। अब इसी तस्वीर को बदलने के लिए सरकार लेकर आई है कृषि सखी पहल।
कृषि सखी पहल के तहत गांव की महिलाओं को न केवल खेतों में सक्रिय भूमिका निभाने को मिल रही है बल्कि अब उन्हें खेती का विशेषज्ञ भी बनाया जा रहा है। जी हां इस पहल में महिलाओं को खेती-बाड़ी में ट्रेन किया जा रहा है ताकि खेतों में भी महिलाएं आत्मनिर्भर बन सके और कृषि व्यवस्था को मजबूत कर सकें।
क्या है कृषि सखी पहल?
कृषि सखी पहल एक ऐसा कार्यक्रम है जिसे एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ़ इंडिया द्वारा शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य है महिलाओं को खेती से जोड़ना, उन्हें खेतों के बारे में तकनीकी जानकारी देना, कृषि के क्षेत्र में उन्हें नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करना। इस पूरे प्रक्रिया में महिलाओं को खेती-बड़ी करने हेतु आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जा रही है। उन्हें बीमा योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है। प्रोफेशनल प्रबंधन सिखाया जा रहा है। ऑर्गेनिक खेती की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि महिलाएं कृषि सखी बनकर गांव में किसानों की मदद कर सकें।

कृषि सखी बनने पर महिलाओं को क्या मिलेगा?
- कृषि सखी पहल से कृषि सखी बनने वाली महिलाएं अब खेतों में केवल मजदूरी नहीं करेंगी।
- बल्कि वह किसानों की सलाहकार बनेगी।
- उन्हें तकनीकी रूप से ट्रेनिंग देंगी।
- फसल प्रबंधन की जानकारी बताएंगी।
- वह किसानों को बताएंगी कि कौन से मौसम में कौन सी फसल बेहतर उगेगी?
- कैसे खेती की लागत कम की जा सकती है?
- उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है?
- कौन सी नई तकनीक का उपयोग खेतों में किया जा सकता है?
- खेतों की उर्वरकता कैसे बढ़ाई जाती है?
- इससे महिलाएं किसानों का नेतृत्व करेंगी और खेती के गुण सीख कर खुद भी आत्मनिर्भर बनेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत भी करेंगी।
कृषि सखी पहल में महिलाओं को क्या सिखाया जाएगा?
- कृषि सखी पहल के अंतर्गत महिलाओं तक आधुनिक खेती की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
- इस कार्यक्रम से जुड़ने वाली महिलाओं को मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के तरीके सिखाए जाएंगे।
- जैविक और प्राकृतिक खेती के तरीके बताए जाएंगे।
- फसल बीमा और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
- वाटर हार्वेस्टिंग और स्मार्ट खेती की तकनीक सिखाई जाएगी।
- आमतौर पर पहले यह सारी तकनीक बड़े किसानों तक मौजूद थी पर अब कृषि सखी पहल के माध्यम से हर महिला यह तकनीक सीख कर छोटे किसानों तक जानकारी पहुँचाएगी।
कृषि सखी पहल के क्या फायदे होंगे?
- कृषि सखी पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। महिलाएं खेतों में मजदूर नहीं बल्कि निर्णय लेने वाली या सलाहकार बनकर काम करेगी।
- कृषि सखी बनने के बाद महिलाओं को ट्रेनिंग के साथ-साथ खेतों में काम करने का अवसर दिया जाएगा।
- उन्हें किसानों का सलाहकार नियुक्त किया जाएगा ताकि उन्हें अतिरिक्त कमाई मिल सके।
- कृषि सखियां गांव में किसानों को नई तकनीक, बेहतर बीज, फसल प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगी जिससे किसान सही समय पर सही निर्णय लेंगे और नुकसान से बचेंगे।
- कृषि सखियां प्राकृतिक खेती, जैविक खाद और सही संसाधन का उपयोग सीखेंगी जिससे किसानों की लागत कम होगी।
- कृषि सखियां न केवल किसानों को मदद करेंगी बल्कि पर्यावरण को भी लाभ पहुंचाएंगी।
- हर कृषि सखी गांव-गांव तक नई तकनीक और ऑर्गेनिक खेती के तरीके पहुंच जाएगी।
- यह एक स्मार्ट फार्मिंग तरीका होगा इससे गांव में महिलाओं की आर्थिक स्थिति तो बेहतर होगी ही गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
कुल मिलाकर भारत सरकार का महिलाओं को कृषि सखी पहल से जोड़ने की यह फैसला न केवल किसानों के लिए फायदेमंद है बल्कि महिलाओं के लिए भी एक सशक्त मार्ग है। कृषि सखी पहल महिलाओं को मजदूर से नेता बनाने का काम कर रही है। जिससे महिलाओं को विभिन्न योजनाओं का फायदा भी मिलेगा, महिलाएं खुद खेतों में अगुवाई करेंगी, किसानों को सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित भी करेंगी।
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