नई दिल्ली। अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा किए जा रहे संयुक्त सैन्य अभ्यासों के बीच उत्तर कोरिया ने 10 मिसाइलें (North Korea Fires Missiles) दागी हैं। जापान ने भी इन मिसाइल लॉन्च की पुष्टि की है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई ने वैश्विक शक्तियों के बीच तनाव बढ़ने की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया में संघर्ष पिछले दो हफ़्तों से जारी है।
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ (JCS) के अनुसार, ये मिसाइलें प्योंगयांग के पास सुनान इलाके से दागी गई थीं। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि इन मिसाइलों ने लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय की। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि ये हथियार जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरे, और किसी भी तरह के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है।
दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ाई
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि उसने निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी अतिरिक्त लॉन्च की आशंका में पूरी तरह से तैयार है। सियोल, वाशिंगटन और टोक्यो इस समय इन घटनाक्रमों के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं।
इस लॉन्च के पीछे मकसद साफ नहीं
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच वार्षिक फ्रीडम शील्ड संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहे हैं, जो 9 मार्च से 19 मार्च, 2026 तक चलेंगे। इन अभ्यासों का घोषित उद्देश्य दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमताओं और युद्ध की तैयारियों का आकलन करना है।
लंबे समय से, उत्तर कोरिया इन संयुक्त अमेरिका-दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यासों को आक्रमण की तैयारियों के रूप में बताता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, किम जोंग उन की बहन, किम यो जोंग ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया की सुरक्षा को दी गई किसी भी चुनौती के गंभीर परिणाम होंगे।

THAAD और Patriot की तैनाती से और बढ़ गया तनाव
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिका की मिसाइल रक्षा प्रणालियों जैसे THAAD और Patriot की संभावित पुनः तैनाती को लेकर चल रही अटकलों से तनाव और बढ़ गया है। हालाँकि, सियोल ने कहा है कि इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ उसके सहयोगियों की रक्षात्मक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत रुकने के बाद से, प्योंगयांग लगातार मिसाइल और हथियारों के परीक्षणों के माध्यम से दबाव की राजनीति की रणनीति अपना रहा है। इस ताज़ा लॉन्च को संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच संबंध सुधारने के प्रयास जारी
इस बीच, उत्तर कोरिया के साथ रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के प्रयास भी चल रहे हैं। गुरुवार (12 मार्च) को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात के दौरान, उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को फिर से शुरू करने के तरीकों पर चर्चा हुई, जो 2019 से रुकी हुई है। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और बातचीत की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की अपनी इच्छा ज़ाहिर की।













