Kisan Advice : आज के खेती भी हाईटेक जा रही है और हर काम में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ गया है। खेती अब पहले जैसी नहीं रही। पहले किसान हाथ से फसल काटते थे, जिसमें बहुत समय और मेहनत लगती थी। अब नई मशीनें आ गई हैं जो किसानों का काम आसान कर रही हैं। ऐसी ही एक खास मशीन है रीपर बाइंडर मशीन।
यह मशीन गेहूं की कटाई के लिए बहुत काम की मानी जाती है। यह तेज़ी से काम करती है और किसानों का समय और पैसा दोनों बचाती है। रीपर बाइंडर मशीन किसानों के लिए एक बेहतरीन टूल है। यह सिर्फ़ एक घंटे में चार एकड़ गेहूं की कटाई करती है और पूले भी बनाती है। इसका खर्च सिर्फ़ 90 रुपये प्रति घंटा है। सरकार 50% सब्सिडी भी देती है।
एक घंटे में चार एकड़ खेत साफ़ करें
जब गेहूं पक जाए, तो उसे समय पर काटना बहुत ज़रूरी है। अगर कटाई में देरी होती है, तो अनाज गिर जाता है, जिससे किसान को नुकसान होता है। आजकल मज़दूर मिलना मुश्किल है। ऐसे में रीपर-बाइंडर मशीन बहुत काम आती है। यह मशीन सिर्फ़ एक घंटे में चार बीघा ज़मीन की कटाई कर सकती है। इसे चलाने के लिए सिर्फ़ एक लीटर डीज़ल की ज़रूरत होती है। अगर डीज़ल का खर्च लगभग ₹90 है, तो एक घंटे की कटाई का खर्च भी लगभग ₹90 है। इससे किसान समय पर अपनी फ़सल काटकर बाज़ार में बेच सकते हैं।

पुली बांधना भी हुआ आसान
जब लोग हाथ से गेहूं काटते हैं, तो उन्हें गेहूं के बंडल (पूस) भी बांधने पड़ते हैं। इसमें बहुत समय लगता है। लेकिन, रीपर-बाइंडर मशीन यह काम अपने आप कर देती है। इसमें एक धागा होता है जो कटे हुए गेहूं को बांधता है। इसका मतलब है कि यह मशीन एक साथ दो काम करती है: कटाई और बांधना। इससे किसान को ज़्यादा मेहनत करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इस मशीन में सीट भी है। किसान इसे सीट पर बैठकर आराम से चला सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे ट्रैक्टर चलाते हैं। इससे थकान भी कम होती है। मशीन दो इंच से ऊपर गेहूं की कटाई करती है, जिससे खेत साफ रहता है।
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50 परसेंट तक सब्सिडी देती है सरकार
एक रीपर-बाइंडर मशीन की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये से शुरू होती है। यह कुछ किसानों के लिए बहुत ज़्यादा हो सकती है। हालांकि, सरकार किसानों की मदद के लिए सब्सिडी देती है। कई राज्यों में सरकार 50 परसेंट तक सब्सिडी देती है। इसका मतलब है कि किसान सिर्फ़ आधी कीमत देते हैं। इसके लिए किसानों को टोकन प्रोसेस से रजिस्टर और अप्लाई करना होगा। सरकार का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा किसानों को मॉडर्न मशीनों का इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा देना और खेती को आसान बनाना है।
इनकम का अच्छा सोर्स
रीपर-बाइंडर मशीनें न सिर्फ़ उनके अपने खेतों के लिए बल्कि उनकी अपनी इनकम का भी सोर्स हो सकती हैं। अगर किसान अपने खेतों की कटाई करके दूसरे किसानों के खेतों की कटाई करते हैं, तो वे पैसे कमा सकते हैं। अगर किसान रोज़ चार से पांच घंटे मशीन चलाते हैं, तो वे 20 बीघा या उससे ज़्यादा ज़मीन की कटाई कर सकते हैं।
किसान अपनी सुविधा के हिसाब से प्रति एकड़ कटाई की फीस तय कर सकते हैं। इससे एक्स्ट्रा इनकम होगी। यह उन किसानों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगा जिनकी फसलें तूफान या बारिश से खराब हो जाती हैं। अगर समय पर कटाई हो जाए तो नुकसान कम होगा।
किसानों के लिए फायदेमंद मशीन
रीपर बाइंडर मशीन खेती के लिए बहुत जरूरी और फायदेमंद मशीन है। इससे समय बचता है, मेहनत और लागत कम होती है। लेबर की कमी के समय में भी किसान समय पर अपनी फसल काट सकते हैं।
आज के बदलते समय में ऐसी मशीनें किसानों के लिए जरूरी हो गई हैं। इनसे खेती आसान होती है और उनकी इनकम बढ़ती है। इसलिए अगर किसान नई टेक्नोलॉजी अपनाते हैं तो उन्हें ज्यादा फायदा होगा और उनकी मेहनत भी कम होगी।

