UPSC Correction Window 2026 : हर साल लाखों उम्मीदवार UPSC का फॉर्म भरते हैं। हालांकि फॉर्म भरते समय छोटी-मोटी गलतियां होना काफी आम बात है। जैसे कि नाम में, डेट ऑफ बर्थ में, या अन्य विवरण में गलतियां। आमतौर पर इन गलतियों की वजह से UPSC का फॉर्म रिजेक्ट होने की पूरी संभावना बनी रहती है। परंतु UPSC भी एस्पायरेंट की परेशानियों को समझता है। इसीलिए UPSC Correction Window 2026 शुरू की गई है।
UPSC Correction Window 2026, 28 फरवरी 2026 से खुलने वाली है। इस दौरान उम्मीदवारों को अपने एप्लीकेशन में कुछ जरूरी चेंज करने का एक लिमिटेड मौका मिलता है। यह फीचर उन लोगों के लिए बहुत खास होता है जो डेडलाइन होने की वजह से सही फॉर्म सबमिट नहीं कर पाए हैं। बता दें यह मौका केवल 3 दिनों के लिए दिया जा रहा है। ऐसे में 28 मार्च 2026 से 3 मार्च 2026 तक UPSC करेक्शन विंडो खुली रहेगी और इस दौरान समय रहते ही उम्मीदवारों को अपनी गलती में सुधार करना होगा। वरना विंडो बंद होने के बाद कुछ भी संभव नहीं होगा।

UPSC Correction Window 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां
- UPSC आवेदन की अंतिम तिथि : 27 फरवरी 2026 शाम 6:00 बजे
- UPSC Correction Window 2026 खुलने की तारीख : 28 फरवरी 2026 शाम 6:00 बजे
- UPSC Correction Window 2026 बंद होने की तारीख: 3 मार्च 2026 शाम 6:00 बजे
UPSC Correction Window में क्या-क्या सुधार कर सकते हैं?
UPSC Correction Window 2026 में आवेदकों को कुछ इंपॉर्टेंट फील्ड्स को सुधारने का मौका मिलेगा।
आमतौर पर पर्सनल डिटेल जैसे की
- नाम की स्पेलिंग
- माता-पिता के नाम की स्पेलिंग
- डेट ऑफ़ बर्थ
- फोटोग्राफ की गलती
- सिग्नेचर की गलती
- केटेगरी से जुड़ी गलतियां
- रिजर्वेशन से जुड़ी गलती
- एजुकेशन/ क्वालीफिकेशन डीटेल्स से जुड़ी गलती
- निवास प्रमाण से जुड़ी गलती
- कांटेक्ट से जुड़ी गलतियां
UPSC Correction Window 2026 में क्या बदलाव नहीं किए जा सकते?
- करेक्शन विंडो में आमतौर पर कुछ चीजों को एडिट नहीं किया जा सकता।
- खासकर एग्जाम सेंटर में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
- यदि आपने ईमेल आईडी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भरकर लॉक कर दिया है तो अब इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।
- डेट ऑफ बर्थ और 10 वीं क्लास से जुड़ी डिटेल्स भी कुछ जगहों पर रिस्ट्रिक्टेड होती हैं इनमें भी बदलाव नहीं किया जा सकता।
- साथ ही फॉर्म में सर्विस प्रेफरेंस भरते समय जो पहली च्वाइस चुन ली गई थी उसमें भी कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
UPSC Correction Window 2026 में गलतियां ना सुधारने पर क्या खामियाजा भुगतना होगा?
- यदि करेक्शन विंडो की जरूरत नहीं भी पड़ती है तब भी उम्मीदवारों से निवेदन है कि एक बार इन 3 दिनों के भीतर अपने फार्म को जांच लें क्योंकि कई बार छोटी-मोटी गलतियों की वजह से आगे नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।
- यदि सही समय पर डिटेल्स में सुधार नहीं किया गया तो फॉर्म रिजेक्ट हो जा सकता है।
- कई बार डेट ऑफ बर्थ/ कैटेगरी / फोटो खराब होने की वजह से या गलत होने की वजह से फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।
- गलत जानकारी होने की वजह से एडमिट कार्ड में भी गलत जानकारी प्रिंट हो जाती है जिससे परीक्षा केंद्र में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- एक बार गलत विवरण के साथ फॉर्म एक्सेप्ट हो गया तो आगे मुख्य परीक्षा /डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में भी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
- यदि डेडलाइन के भीतर करेक्शन नहीं किया गया तो UPSC में आगे कोई चेंज नहीं किया जा सकता।
UPSC Correction Window का इस्तेमाल करते समय कौन सी बातों का ध्यान रखें ?
- UPSC करेक्शन विंडो 2026 का इस्तेमाल करते समय ध्यान दें कि फॉर्म को सबसे पहले अच्छी तरह से वेरीफाई कर लें।
- करेक्शन विंडो खुलते ही लॉगिन कर अपने एप्लीकेशन को चेक करें।
- हर एक फील्ड को ध्यान से देखें।
- डेडलाइन के आखिरी दिन से पहले ही बदलाव कर लें क्योंकि डेडलाइन के दिन सिस्टम स्लो होने की वजह से करेक्शन नहीं हो पाती।
- करेक्शन होने के बाद कंफर्मेशन तक वेट करें ।
- ‘सबमिट’ का नोटिफिकेशन आने के बाद PDF डाउनलोड करना बिल्कुल ना भूले।
UPSC Correction Window 2026 सुनने में भले ही छोटा सा मौका लगता है, लेकिन असल में यह बहुत बड़ा गेटवे है। यदि इन 3 दिनों के भीतर अपनी छोटी-मोटी गलतियों को सुधारा नहीं गया तो फॉर्म रिजेक्ट होने से लेकर परीक्षा और नियुक्ति के दौरान और सुविधा का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर 28 फरवरी 2026 से UPSC करेक्शन विंडो खुल रही है और 3 मार्च 2026 को यह विंडो बंद हो रही है। इन 3 दिनों के भीतर UPSC के इस मौके का पूरा फायदा उठाएं और अपनी नियुक्ति सुनिश्चित करें।














