पंजाब में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अस्पतालों में बढ़ते दबाव को कम करने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अब 672 नई नर्सों की भर्ती की जा रही है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी अस्पतालों में स...

पंजाब में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अस्पतालों में बढ़ते दबाव को कम करने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अब 672 नई नर्सों की भर्ती की जा रही है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी।
यह भर्ती Baba Farid University of Health Sciences के जरिए की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवार यूनिवर्सिटी के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 13 मार्च से शुरू हो चुकी है और 2 अप्रैल तक जारी रहेगी। यानी उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए सीमित समय है, इसलिए देरी करना नुकसान का कारण बन सकता है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Dr Balbir Singh ने साफ किया कि यह भर्ती पहले से स्वीकृत 406 स्टाफ नर्स पदों से अलग है। इन 406 पदों में से 275 नर्सों को पहले ही नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं और उन्हें सब-डिविजनल और जिला अस्पतालों में तैनात भी किया जा चुका है। अब 672 नई भर्तियों से नर्सिंग स्टाफ और मजबूत होगा।
नई भर्ती का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी। साथ ही, पहले से काम कर रहे स्टाफ पर जो अतिरिक्त बोझ है, वह भी कम होगा। खासकर प्राथमिक और सेकेंडरी हेल्थकेयर सेंटर में यह भर्ती गेमचेंजर साबित हो सकती है, जहां स्टाफ की कमी सबसे ज्यादा महसूस होती है।
सरकार सिर्फ नर्सों तक ही सीमित नहीं है। पिछले कुछ सालों में 1500 से ज्यादा डॉक्टरों की भर्ती भी की गई है, जिनमें 600 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर और 948 जनरल फिजिशियन शामिल हैं। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार देखने को मिला है और मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है।
पंजाब सरकार ने Aam Aadmi Clinics का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया है, ताकि लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक इलाज मिल सके। इसके अलावा ₹300 करोड़ से ज्यादा की लागत से दवाइयों और आधुनिक मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है।
राज्य के लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए Mukhya Mantri Sehat Yojana के तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार बिना आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज करवा पा रहे हैं।
सरकार के ये सभी कदम साफ दिखाते हैं कि पंजाब में स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश हो रही है। नर्सों की नई भर्ती, डॉक्टरों की नियुक्ति और मुफ्त इलाज जैसी योजनाएं मिलकर आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बना सकती हैं।
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