एप्सटीन फाइल सीक्रेट: जेफरी एप्सटीन का केस दुनिया में सबसे रहस्यमयी और खौफनाक मामलों में गिना जाता है। इस पूरे काले सच के बीच एक नाम आजकल बार-बार उभर कर सामने आ रहा है और वह है घिसलेन मैक्सवेल का। एप्सटीन फाइल सीक्रेट्स की जब भी बात होती है तब मैक्सवेल का नाम अपने आप ही आ जाता है। यह वह महिला है जो एप्सटीन की सबसे करीबी रही।
घिसलेन मैक्सवेल को एप्सटीन की गर्लफ्रेंड और उसके अपराध की सबसे बड़ी राजदार और मददगार भी कहा जाता है। वर्तमान में घिसलेन मैक्सवेल अमेरिका की अदालत में है और अपनी सजा काट रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि घिसलेन मैक्सवेल एप्सटीन फाइल सीक्रेट के बारे में सब कुछ जानती हैं, फाइल में शामिल एक के व्यक्ति का सच उसे पता है तो फिर वह चुप क्यों है? वह आखिर किसे बचाने की कोशिश कर रही है?
एप्सटीन की दुनिया और मैक्सवेल की एंट्री
घिसलेन एक अमीर और प्रभावशाली परिवार से आती है। वे ब्रिटेन की बहुत बड़ी सोशलाइट थी। उनका सामाजिक दायरा बहुत बड़ा था। उनके सोशल सर्कल में राजनेता, बिजनेसमैन,मीडिया हाउस और हाई प्रोफाइल हस्तियां शामिल थी। यही उनकी मुलाकात हुई जेफरी एप्सटीन से। मैक्सवेल का रिश्ता धीरे-धीरे सोशल मुलाकातों के बाद बढ़ने लगा और दोनों दोस्त से कुछ ज्यादा हो गए।
तथाकथित सूत्रों की माने तो घिसलेन मैक्सवेल एप्सटीन की गर्लफ्रेंड कही जाती हैं और धीरे-धीरे उसकी सबसे भरोसेमंद सहयोगी भी बन गई। कोर्ट में पीड़ितों द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार और एप्सटीन के पास मिले दस्तावेजों के अनुसार मैक्सवेल एप्सटीन के नेटवर्क को संभालती थी। यही वह महिला थी जो नाबालिक लड़कियों को बहला फुसला कर नौकरी के सपने देख कर एप्सटीन के पास ले जाती थी।
यही वह औरत थी जो छोटी बच्चियों को झूठ बोलकर एप्सटीन के आइलैंड ले जाने में मदद करती थी। घिसलेन मैक्सवेल की मदद की वजह से ही एप्सटीन के शोषण का रास्ता आसान हो जाता था। एप्सटीन फाइल सीक्रेट में पाया गया की घिसलेन केवल एप्सटीन की एक साथी ही नहीं थी बल्कि अपराध में बराबर की भागीदार भी थी।
एप्सटीन फाइल सीक्रेट और मैक्सवेल की गिरफ्तारी
2019 में एप्सटीन की जेल में रहस्यमयी मौत हो गई। उसके बाद पूरी दुनिया की नजरे एप्सटीन के नेटवर्क पर टिक गई। जांच एजेंसी ने जांच का काम बढ़ा दिया। परत दर परत राज़ सामने आने लगे जिसमें मैक्सवेल का नाम सबसे ऊपर आया। एप्सटीन फाइल्स के सीक्रेट से पता चला कि घिसलेन मैक्सवेल एप्सटीन के हर अपराध में उसकी मदद करती थी।
जांच एजेंसी ने मैक्सवेल के खिलाफ सबूत इकट्ठे किए। पीड़ितों ने भी बयान में घिसलेन मैक्सवेल का नाम लिया। 2020 में आखिरकार घिसलेन मैक्सवेल को गिरफ्तार किया और 2021 में उन्हें दोषी ठहराया गया। 2022 में उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि कागजों में यह मामला खत्म हो जाना चाहिए था लेकिन असल में यहीं से असली कहानी शुरू होती है।
क्यों सब जानकर भी चुप है घिसलेन मैक्सवेल?
मैक्सवेल के पास एप्सटीन की दुनिया के ऐसे ऐसे राज है जो कोई और नहीं जानता। वह सब जानती है कि एप्सटीन के निजी आईलैंड पर कौन आता था? एप्सटीन की फ्लाइट में किन लोगों ने सफर किया? किन ताकतवर लोगों के साथ एप्सटीन ने एप्सटीन आइलैंड पर छोटी बच्चियों को सैक्स स्लेव बनाया। बच्चियों के शोषण में किन लोगों का हाथ था। कौन-कौन से रसूखदार लोग इस घिनौने खेल में शामिल थे?
क्या सच में एप्सटीन आईलैंड पर छोटी बच्चियों के मांस को खाया जाता था? क्या वहां सच में कुछ शैतानी प्रैक्टिसेज हुआ करती थी? सूत्रों की माने तो घिसलेन मैक्सवेल को यह भी पता है कि अपने आप को बचाने के लिए एप्सटीन ने क्या माइकल जैक्सन, प्रिंसेस डायना जैसे लोगों की हत्या करवाई? यदि कार्रवाई तो इसमें किस-किस का हाथ था?
क्यों सरकार घिसलेन मैक्सवेल से जवाब नहीं निकलवा पा रही?
घिसलेन मैक्सवेल हर बार जब भी सरकार के सामने पेश की जाती है वह अमेरिका के संविधान के 5 वें अमेंडमेंट का हवाला देकर बोलने से इनकार कर देती है। अमेरिका के 5 वें अमेंडमेंट के अनुसार कोई भी व्यक्ति आत्म अपराधिक बोझ से बचने के लिए चुप्पी का रास्ता ले सकता है। लेकिन इस कहानी में कुछ और ही सीक्रेट नजर आते हैं।
घिसलेन मैक्सवेल एप्सटीन फाइल सीक्रेट को बचाने के लिए चुप है या शायद वे ऐसे कोई नाम जानती हैं जो सामने आ गए तो मैक्सवेल की जान पर भी बन आएगी। या शायद मैक्सवेल पहले ही कोई बड़ा सौदा कर चुकी है जिसकी वजह से उन्हें अब चुप रहना पड़ रहा है?
हालांकि घिसलेन मैक्सवेल ने अपने वकील के माध्यम से यह बुलवाया है कि वह खुलकर तभी बात करेगी जब अमेरिका की कोर्ट उन्हें क्षमा कर देगी और उनकी शर्तों को मान लिया जाएगा। वह सारे सच तभी बताएंगे जब उन्हें सुरक्षा मिलेगी।
क्या घिसलेन मैक्सवेल को है किसी से खतरा?
असल में घिसलेन एप्सटीन के नेटवर्क की ढाल बनी हुई है। एप्सटीन का पूरा नेटवर्क पैसे, राजनीति और प्रभाव का जाल था। और इसमें कई नामी-गिरामी नाम जुड़े हुए हैं। अगर मैक्सवेल ने नाम लेना शुरू कर दिया तो राजनीतिक भूचाल आ जाएगा। एप्सटीन फाइल सीक्रेट में कई बड़े-बड़े लोगों का नाम आ चुका है। लेकिन हर बार यही हवाला दिया जाता है की फाइल में नाम आना मतलब अपराध साबित नहीं होना होता।
परंतु यदि घिसलेन मैक्सवेल अपनी गवाही दे देंगी तो बड़े लोगों की परतें खुल जाएंगी। सरकारी संस्थानों पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे। यहां तक की अमेरिकी जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी उंगली उठने लगेगी। इससे स्पष्ट होता है कि घिसलेन मैक्सवेल कुछ बहुत बड़ा जानती हैं। उनकी खामोशी सिर्फ कानूनी रणनीति नहीं बल्कि जीवन और मौत का सवाल भी हो सकती है। हालांकि जब उन्हें इम्यूनिटी मिलेगी और उन्हें सरकार की तरफ से सुरक्षा का वादा मिलेगा तो हो सकता है वे सारे राज़ खोल दें।

