नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय और निरंतर प्रगति दर्ज की है।
कृषि में स्थिर और मजबूत वृद्धि
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों ने औसतन 4.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2016–17 से 2024–25 के दौरान कृषि क्षेत्र की औसत दशक दर 4.45 प्रतिशत रही, जो पूर्ववर्ती दशकों की तुलना में सर्वाधिक है। वित्तीय वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो क्षेत्र की स्थिरता और लचीलापन दर्शाता है।
खाद्य उत्पादन में रिकॉर्ड, आत्मनिर्भर भारत की ओर

मंत्री ने बताया कि 2024–25 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन तक पहुँच गया। धान, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) के बेहतर उत्पादन ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई उन्होंने कहा कि भारत आज न केवल खाद्यान्न में आत्मनिर्भर है, बल्कि कई कृषि उत्पादों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
बागवानी क्षेत्र का बढ़ता योगदान
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, कृषि GVA में लगभग 33 प्रतिशत योगदान के साथ बागवानी क्षेत्र एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभरा है।
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2013–14: 280.70 मिलियन टन
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2024–25: 367.72 मिलियन टन
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फल: 114.51 मिलियन टन
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सब्जियां: 219.67 मिलियन टन
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अन्य बागवानी फसलें: 33.54 मिलियन टन, भारत अब प्याज का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक है, जबकि फल, सब्जी और आलू उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
ग्रामीण अवसंरचना में व्यापक विस्तार
ग्रामीण विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सड़क, आवास, पेयजल और डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है।
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PMGSY के तहत 99.6% पात्र गांव ऑल-वेदर सड़कों से जुड़े
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PMGSY-IV में 10,000 किमी से अधिक सड़कों को मंजूरी, 3,270 दूरस्थ गांवों को लाभ
आवास, डिजिटल सशक्तिकरण और आजीविका
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ग्रामीण आवास: 3.70 करोड़ से अधिक पक्के घर पूरे
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PMAY-G: 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य
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SVAMITVA योजना: 3.28 लाख गांवों में ड्रोन सर्वे, 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड
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भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण: 99.8% कवरेज
महिला सशक्तिकरण और आजीविका
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाएं 90 लाख से अधिक SHGs से जुड़ी हैं। ‘लाखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत 2.5 करोड़ से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं।
समग्र दृष्टिकोण – केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण यह दर्शाता है कि नीतिगत निरंतरता, संस्थागत सुधार और लक्षित निवेश ने कृषि और ग्रामीण भारत को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि गांव अब भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
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