Gyanvapi Mosque case: ज्ञानवापी विवाद मामले में हिंदू पक्ष की एक बड़ी जीत में, वाराणसी की एक अदालत ने बुधवार को भक्तों को मस्जिद परिसर के सीलबंद तहखाने में प्रार्थना करने की अनुमति दे दी है ।अदालत का यह आदेश आचार्य वेद व्यास पीठ मंदिर के मुख्य पुजारी शैलेन्द्र कुमार पाठक व्यास द्वारा दायर याचिका के जवाब में प्रस्तुत किया।
कोर्ट के द्वारा व्यास जी की अर्जी पर पहले ही रिसीवर नियुक्त करने की अनुमति प्रदान कर दी गई थी, जिसके बाद जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 23 जनवरी को Gyanvapi मस्जिद के दक्षिणी तहखाने को अपने कब्जे में ले लिया गया.अपने फैसले में, अदालत ने पुजारी को सेवा में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए स्टील की बाड़ में आवश्यक एवं जरूरी इंतजाम किए जाने को कहा। आदेश में कहा गया है कि सात दिन के भीतर व्यवस्था करनी होगी।
विष्णु शंकर जैन ने की पत्रकारों से बात

हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हिंदू पक्ष को मज़्जिद के सीलबंद तहखाने में प्रार्थना करने की अनुमति प्रदान कर दी गई थी।” जिला प्रशासन को सात दिन के अंदर कार्रवाई करनी होगी। जिसके बाद वहाँ अब सभी हिंदूओ को पूजा करने का अधिकार होगा।”
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अगली सुनवाई Gyanvapi मस्जिद की 8 फरवरी को निर्धारित

सुनवाई का यह निर्णय दोनों पक्षों हिंदू और मुस्लिम के लिए जारी एएसआई रिपोर्ट के बाद आया जिसमें कथित तौर पर यह सबूत थे कि मस्जिद का निर्माण मंदिर के विध्वंस के बाद ही किया गया था। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 8 फरवरी को निर्धारित की है, तब तक Gyanvapi मस्जिद के प्रबंधन समितिए वं प्रतिवादी अपनी आपत्तियां निर्धारित समय तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
25 सितंबर, 2023 को व्यास द्वारा मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें Gyanvapi मस्जिद के सीलबंद तहखाने में श्रृंगार गौरी और अन्य दृश्य और अदृश्य देवताओं की पूजा में रूकावट को रोकने और दक्षिणी भाग के तहखाने में प्रबंधक के रूप में एक डीएम या अन्य उपयुक्त व्यक्ति को नियुक्त करने की मांग की गई।
















