Aeroponic Farming: आज के दौर में कृषि के छेत्र में कई नई नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। उन्ही तकनीक में से एक है एरोपॉनिक फार्मिंग टेक्निक। एरोपोनिक्स एक ऐसा तरीका है, जो दिन प्रतिदिन लोकप्रियता में लगातार बढ़ रहा है। Aeroponic Farming टेक्निक में पौधौ का उत्पादन कोहरे और हवा वाले वातावरण में किया जाता है| इस तकनीक में एयरोपोनिक्स टेक्निक में पौधों को बड़े-बड़े बॉक्स में लटका दिया जाता हैं और प्रत्येक बॉक्स में पौधौ के विकास के लिए पोषक तत्व और पानी डाला जाता है जिससे पौधौ की जड़ों में नमी बनी रहती है और कुछ समय के बाद फसल का उत्पादन होनें लगता है|
Aeroponic Farming तकनीक से कैसे करे उत्पादन

Aeroponics Farming की इस तकनीक में मिट्टी के बिना हवा में पौधे उगाए जाते हैं। एरोपोनिक्स तकनीक में एक बंद वातावरण जैसे पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस की आवश्यकता होती है जिसमें पौधों को बिना मिट्टी के विकसित किया जाता है। एरोपॉनिक फार्मिंग में फसल की जड़ें हवा में लटकी होती हैं। इन्ही लटकती हुई जड़ों के माध्यम से पौधे को पोषण दिया जाता है। ऐरोपोनिक तकनीक में पोषक तत्वों (Nutrients) को धुंध के रूप में जड़ों पर स्प्रे करा जाता है और पौधे के ऊपरी भाग को खुली हवा और रोशनी में रखा जाता है। इस तरह से पौधे को पूरा पोषण मिल जाता है।
Aeroponic Farming तकनीक से उगाये जाने वाले पौधे

देखा जाये तो इस तकनीक की मदद से किसी भी पौधे को उगाया जा सकता है। लेकिन वर्तमान में इसका उपयोग पत्तेदार साग, स्ट्रॉबेरी, खीरे, टमाटर, आलू और जड़ी-बूटियों के उत्पादन के लिए किया जा रहा है। किसानों के बीच Aeroponic Farming को प्रोत्साहित किया जा सके इसके लिए हरियाणा के करनाल में स्थित आलू प्रौद्योगिकी केंद्र का इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर के साथ एमओयू (MOU) साइन हो चुका है। इसके अलावा किसानों को इस तकनीक के बारे में बताने के लिए ट्रेनिंग प्रोगाम और सेमीनार भी आयोजित किए जा रहे हैं।
कितनी फायदेमंद है Aeroponic Farming

एरोपॉनिक फार्मिंग से किसानों को कम लागत में बड़ा मुनाफ़ा प्राप्त हो सकता है। एरोपॉनिक फार्मिंग सिस्टम को लगवाना शुरू में महंगा हो सकता है। लेकिन एक बार सिस्टम लगाने के बाद ये अच्छा मुनाफा दे सकता है। इस तकनीक में पारंपरिक खेती के मुकाबले 95 फ़ीसदी तक पानी की बचत होती है। एरोपॉनिक फार्मिंग तकनीक से फसल को मरुस्थल, रेतीली, बर्फीली जैसी जगहों पर आसानी से उगाया जा सकता है। इस तकनीक का सबसे बड़ा फ़ायदा है कि जहां पानी की कमी हो या ज़मीन बंजर हो, वहां भी इस नई कृषि तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि के साथ साथ मुनाफे में भी वृद्धि होती है।
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Aeroponic Farming तकनीक की खामिया
- पौधौ की जड़ों पर पोषक तत्वों को छिड़कने के लिए बिजली की आवश्यकता
- शुरूआती दौर में पूरे सेटअप की लागत पारंपरिक खेती की अपेक्षा काफी अधिक
- इसे संचालित करने के लिए आपके पास टेक्निकल नालेज होना आवश्यक
- अधिक देख रेख की आवश्यकता
Aeroponic Farming तकनीक से लाभ

- यह सेटअप काफी लम्बे समय तक चलता है |
- यह मोर्डेन फार्मिंग के सबसे उन्नत संस्करणों में से एक है |
- यह पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी यह लाभकारी है |
- फसल को मरुस्थल, रेतीली, बर्फीली जैसी जगहों पर आसानी से उगाया जा सकता है |
- पारंपरिक खेती के मुकाबले 95 फ़ीसदी तक पानी की बचत |
- मिट्टी तथा सूर्य के प्रकाश की जरुरत नही पड़ती है
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