हाल ही में उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा गाड़ियों में ईंधन भरने को लेकर नए निर्देश जारी किये गए है। उपभोक्ता मंत्रालय में वाहन चालकों को वाहनों में Full Tank कराने से माना किया है। साथ ही ये भी बताया है कि वाहन चालकों के साथ धोका धड़ी हो रही है। कम्पनिया वाहन चालकों को गाड़ियों में फ्यूल टैंक की गलत क्षमता बता रहे है।
नहीं भरवा सकते अब Full Tank: उपभोक्ता मंत्रालय

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उपभोक्ता मंत्रालय के अनुसार अब गाड़ियों में Full Tank नही भरवाया जा सकता है। मंत्रालय का कहना है कि Full Tank करने से गाड़ियों में से ईंधन रिसता है, जिससे आग लगने का खतरा बना रहता है। पेट्रोल से निकलने वाले भाप को देने के लिए Full Tank नहीं करवाना चाहिए।

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वाहनों के इंजन में जरूरत से ज्यादा ईंधन जाने के कारण वाहन के इंजन परफॉरमेंस प्रभाव पड़ता है। ईंधन के सही प्रकार से ना जलने के कारण अधिक हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन होता है। इसके अलावा मंत्रालय ने वाहन निर्माता कंपनियों से भी इस बात की अपील करने को कहा है कि वो अपने ग्राहको को भी इस बात की जानकारी दे और Full Tank करवाने से उन्हें रोके।
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वाहन निर्माता कंपनियों पर लगाए आरोप
मंत्रालय ने कम्पनियो पर आरोप लगते हुए कहा है कि कंपनियों द्वारा ग्राहको को ईंधन क्षमता कि गलत जेकरि डी गयी है। ऐसे कई मामले सामने आये है। जिसके चलते ग्राहक अक्सर पेट्रोल पंप वालो से झगड़ा करते नज़र आते है।

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बता दे कम्पनिया द्वारा मैनुअल बुक में निर्धारित लिमिट और फ्यूल टैंक की असली क्षमता में अंतर पाया गया है। जिससे जब भी वाहन चालक वाहन की टंकी फुल करवाते है तो टंकी निर्धारित लिमिट से अधिक पेट्रोल लेती है।







