आइए आज बात करते हैं उन लोगों कि जो वास्तविकता की दुनिया से दूर अपनी ख्यालों की जिंदगी में रहते हैं। जी हां, आज के दौर में युवाओं में नई-नई प्रकार की बीमारी पाई जा रही है। जिनमें से एक है सिजोफ्रेनिया, ये एक मानसिक बीमारी है जो कि बहुत गंभीर बीमारी मानी जाती है।

आइए आज बात करते हैं उन लोगों कि जो वास्तविकता की दुनिया से दूर अपनी ख्यालों की जिंदगी में रहते हैं। जी हां, आज के दौर में युवाओं में नई-नई प्रकार की बीमारी पाई जा रही है। जिनमें से एक है सिजोफ्रेनिया, ये एक मानसिक बीमारी है जो कि बहुत गंभीर बीमारी मानी जाती है।
सिजोफ्रेनिया (schizophrenia) में मरीज एक भ्रम की जिदंगी जीने लगते हैं। सिजोफ्रेनिया के मरिजों को लोग स्प्लिट पर्सनैलिटी वाले समझते हैं जबकि ये एक दूसरे प्रकार डिसऑर्डर है।

इस बीमारी के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी लक्षण है जो कि आमतौर पर सिजोफ्रेनिया के मरिजों में नजर आते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आम लक्षणों के बारे में-

अभी तक सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारी से ठीक होने के लिए कोई एक इलाज नहीं ढूंढा गया है जो कि इसके रोगियों को ठीक कर सके। लेकिन फिर भी इसके कई लक्षणों को राहत देने के लिए कुछ दवाईयां है। जिनको नियमित रूप से खाने से कुछ लक्षण कम किए जा सकते हैं। जैसे कि सिजोफ्रेनिया के मरीजों को आमतौर पर एंटीसाइकोटिक दवाएं दी जाती हैं। कुछ मरीजों की खास थेरेपी की जाती है ताकि मरीज अपने तनाव से बाहर आ सके। कुछ लोगों को इससे बाहर लाने के लिए सोशल ट्रेनिंग दी भी जाती है। वहीं कुछ गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करके इलाज करना पड़ता है।
हालांकि सिजोफ्रेनिया में बताया जाता है कि जब तब रोगी खुद ठीक होने की कोशिश नहीं करता तब तक ठीक हो ही नहीं सकता जब कि ये बीमारी आसानी से ठीक होने वाली बीमारीयों में से नहीं है।