इन बातों का ध्यान रखा तो नहीं होगा सिर पर बिजली गिरने का खतरा

आकाशीय बिजली ज्यादातर बारिश के दिनों में गिरती है। वहीं इसकी चपेट में आने वाले ज्यादातर वे लोग होते हैं, जो खुले आसमान के नीचे, हरे पेड़ के नीचे खड़े होते हैं। इसके अलावा बिजली उन लोगों पर भी ज्यादा गिरती है, जो पानी के करीब जैसे नदी, तालाब या किसी जलभराव वाले स्थान पर खड़े होते हैं। इसके अलावा बिजली मोबाइल के टॉवर या इलेक्ट्रिक पोल पर भी गिरती है।

इन बातों का ध्यान रखा तो नहीं होगा सिर पर बिजली गिरने का खतरा

आकाशीय बिजली गिरने से हर साल भारत में सैकड़ों लोगों की अकाल मृत्यु हो जाती है। भोपाल में भी गुरुवार को कोलार स्थित सर्वधर्म पुलिया पर आकाशीय बिजली गिरने से कोलार निवासी 55 साल के जवाहर सिंह प्रजापति की मौत हो गई थी। ऐसे में लोगों में आकाशीय बिजली के प्रति दहशत होना लाजमी है। वहीं हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के मौसम में सैकड़ों लोगों और हजारों पशुओं की जान आकाशीय बिजली या तड़ित की चपेट में आने से जाती है। 

जानकारों की मानें तो हर साल
आकाशीय बिजली गिरने से इंसानों के अलावा हजारों की संख्या में जानवर और पक्षियों तक की मौत हो जाती है। कई बार तो हरे-भरे विशाल पेड़ तक गिर जाते हैं, लेकिन फिर भी इस प्राकृतिक आपदा से बचाव संभव है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि यदि मौसम खराब हो और तेज बिजली कड़क रही हो, तो किन उपायों से आप स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान : 
शोध बताते हैं कि आकाशीय बिजली ज्यादातर बारिश के दिनों में गिरती है। वहीं इसकी चपेट में आने वाले ज्यादातर वे लोग होते हैं, जो खुले आसमान के नीचे, हरे पेड़ के नीचे खड़े होते हैं। इसके अलावा बिजली उन लोगों पर भी ज्यादा गिरती है, जो पानी के करीब जैसे नदी, तालाब या किसी जलभराव वाले स्थान पर खड़े होते हैं। इसके अलावा बिजली मोबाइल के टॉवर या इलेक्ट्रिक पोल पर भी गिरती है।


जानकारों की मानें तो यदि आसमान में बिजली कड़क रही है और आप घर के बाहर हैं, तो सबसे पहले किसी मजबूत छत वाली जगह के नीचे जाकर खड़े हो जाएं। इसके अलावा जितनी जल्दी हो पानी, बिजली के तारों, खंभों, हरे पेड़ों और मोबाइल टॉवर से दूर हट जाएं। यदि छिपने के लिए मजबूत छत वाली जगह नहीं मिल रही हो तो किसी खुली जगह पर जहां जलभराव न हो। वहां अपने कानों पर हाथ रखकर दोनों एड़ियों को चिपकाकर उकड़ू बैठ जाएं।

इस दौरान यदि एक से अधिक व्यक्ति हैं तो एक दूसरे दूरी बनाकर रहें। एक-दूसरे का हाथ पकड़ने की गलती तो बिल्कुल भी न करें। छतरी, सरिया, मोबाइल फोन और मैटल का कोई भी सामान हो तो उससे दूर हो जाएं। भूसे के ढेर से दूर हो जाएं, क्योंकि बिजली के कारण इनमें आग लगने की संभावना होती है। 

इस तरह करती है नुकसान : 
जानकारों की मानें तो आकाशीय बिजली गिरने की प्रक्रिया कुछ सेंकेड में पूरी हो जाती है, लेकिन इसमें इतने वोल्ट करंट होता है कि किसी भी सजीव प्राणी की जान ले सकती है। तड़ित जमीन में जाने के लिए किसी न किसी माध्यम का उपयोग करती है।


इस दौरान जो भी जीवित प्राणी इसके संपर्क में आ जाता है। वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है। बिहार के छपरा में 26 अप्रैल 2020 को खेत में काम कर रहे किसानों पर बिजली गिरी थी, जिसमें 9 की मौत हो गई थी। 

बिजली गिरने के बाद करें ये उपाय 
1. यदि किसी पर तड़ित गिर जाती है, तो ऐसे व्यक्ति को फौरन मेडिकल सहायता पहुंचाई जानी चाहिए। पीड़ित को छूने से किसी तरह की समस्या नहीं होती है।

2. जिस भी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिरी हो, सबसे पहले उसकी नब्ज की जांच करें। सबसे पहले उसके सिर, कंधे और ऊपरी भाग को देखें। बिजली दो जगहों पर सबसे ज्यादा नुकसान करती है, जहां से उसने शरीर में प्रवेश किया हो और जिस जगह से उसका निकास हुआ हो। ऐसे मामले में सिर, कंधे शरीर के ऊपरी भाग और पैरों के तलवे में जलने के निशान होते हैं। 

3. कई बार पीड़ित की हड्डियां भी टूट जाती है। व्यक्ति अंधा या बहरा भी हो जाता है। इसलिए सबसे पहले इस सब की भी जांच कर लेनी चाहिए। 

4. बिजली गिरने के बाद तुरंत बाहर न निकलें। अधिकाशं मौतें तूफान गुजर जाने के 30 मिनट बाद तक बिजली गिरने से होती हैं।