मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने एक फैसले की वजह से आलोचनाओं से घिर गए। इसके पीछे की वजह शिक्षा मंत्री के रूप में मेवालाल चौधरी को नियुक्त किया जाना हैं। दरहसल मेवालाल चौधरी पर कई भ्रष्ट आरोपी के चार्जस् लग चुके हैं और खबरों की माने तो बिहार के नए शिक्षामंत्री मेवालाल अभी भी जमानत पर हैं। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग आक्रोश जता रहे हैं। और मेवालाल को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं-

पिछले कुछ दिनों से बिहार चुनाव काफी चर्चाओं में रहा है और रिजल्ट के बाद नीतिश कुमार फिर से बिहार के सीएम बन चुके हैं। मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने एक फैसले की वजह से आलोचनाओं से घिर गए। इसके पीछे की वजह शिक्षा मंत्री के रूप में मेवालाल चौधरी को नियुक्त किया जाना हैं।
दरहसल मेवालाल चौधरी पर कई भ्रष्ट आरोपी के चार्जस् लग चुके हैं और खबरों की माने तो बिहार के नए शिक्षामंत्री मेवालाल अभी भी जमानत पर हैं। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग आक्रोश जता रहे हैं। और मेवालाल को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं-
भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में भगौडे आरोपी को शिक्षा मंत्री बना दिया।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 18, 2020
अल्पसंख्यक समुदायों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया।
सत्ता संरक्षित अपराधियों की मौज है। रिकॉर्डतोड़ अपराध की बहार है।
कुर्सी ख़ातिर Crime, Corruption और Communalism पर मुख्यमंत्री जी प्रवचन जारी रखेंगे।
मेवालाल जैसों को शिक्षा मंत्री बना कर मुख्यमंत्री @NitishKumar जी ने अपनी छवि को खुद ही धूमिल कर राजनीतिक प्रतिष्ठा को हल्का बना दिया है....#मेवालाल_को_बर्खाश्त_करो
— Prem Chandra Mishra (@PremChandraMis2) November 18, 2020
इतना ही नहीं शिक्षामंत्री मेवालाल का एक वीडिया भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह एक स्कूल में राष्ट्रगान गाते दिखाई दे रहे हैं लोग इस भी सवाल उठा रहे हैं।
बिहार का भविष्य क्या ऐसे शिक्षा मंत्री के साथ उज्ज्वल होगा?
— Virender Rathore (@virenderrathor) November 18, 2020
नीतीश कुमार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को नहीं आता राष्ट्रगान। pic.twitter.com/hfT13N5kBd
चौधरी के खिलाफ 409 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (जालसाजी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा का फर्जीवाड़ा), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का असली इस्तेमाल करके) और 120 (बी) ( भारतीय दंड संहिता (IPC) की साजिश) के मामलें दर्ज हैं।