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देश को आजाद हुए 74 साल से ज्यादा हो गए हैं। इस दौरान केंद्र और राज्य में कई सरकारें आई गईं, लेकिन गरीबों की किस्मत में आज भी हादसे और मौत ही लिखे हुए हैं। इस हादसे में भी कुछ इसी तरह की तस्वीर सामने आ रही है।




गंजबासौदा कांड में गंभीर लापरवाही सामने आई है। शिकायत मिलने पर पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता तो हादसा टल जाता। जांच में इन पहलुओं को शामिल किया जाए। राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 15 लाख रु. मुआवजा दे। घायलों को 2 लाख रु. मुआवजा दिया जाए।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) July 16, 2021