TCS नासिक सैक्स स्कैंडल: एक कॉरपोरेट ऑफिस जहां लोग अपने सपनो को सच करने जाते हैं, वही ऑफिस अगर डर, शोषण और साजिश का अड्डा बन जाए तो सोचिए मामला कितना खतरनाक बन जाएगा। नासिक में टाटा कंसलटेंसी सर्विस में ऐसा ही कुछ हुआ है। जी हां, टाटा कंसलटेंसी सर्विस के नासिक स्थित ऑफिस में हुए TCS नासिक सैक्स स्कैंडल ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।
इस दफ्तर में सालों तक ऑफिस के अंदर महिलाओं का शारीरिक शोषण होता रहा, उन्हें मानसिक रूप से कमजोर किया जा रहा था और कुछ महिलाओं ने तो धार्मिक तौर पर परेशान करने के आरोप भी लगाए। हैंरानी की बात यह है की शुरुआत में इन मामलों पर HR ने कोई एक्शन नही लिया और ना ही कंपनी के किसी हेड ने कोई कार्यवाही की बल्कि महिलाओं को MNC में ऐसा होता है कहकर चुप करवाया गया। लेकिन एक महिला की पुलिस शिकायत ने TCS नासिक सैक्स स्कैंडल को उजाकर कर दिया।
TCS नासिक सैक्स स्कैंडल दबाने की काफी कोशिश की गई लेकिन जैसे ही एक महिला ने हिम्मत दिखाकर शिकायत करने की कोशिश की पुलिस ने भी उसका साथ देते हुए जाल बिछाया, सबूत जुटाए, अंदर की परते खंगाली और एक ऐसी रणनीति बनाई की एक-एक कर आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए। TCS नासिक सैक्स स्कैंडल केवल एक केस नहीं बल्कि सच का खुलासा है जो लंबे समय से पर्दे के पीछे छुपा हुआ था।
क्या है TCS नासिक सैक्स स्कैंडल और कैसे शुरू हुआ यह सब कुछ?
टीसीएस नासिक घोटाले का मामला 2026 मार्च में तब सामने आया जब एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि 2022 से 2026 के बीच TCS नासिक के ऑफिस में उसके साथ लगातार यौन शोषण होता रहा। छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं भी हुई। उसने अपनी शिकायत में कहा कि TCS नासिक के एक सीनियर ने उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। जैसे ही पुलिस ने जांच शुरू की और भी महिलाएं सामने आने लगी। करीब 8 से 9 महिलाओं ने शिकायत दर्ज करवाई। 9 FIR दर्ज की गई और चार सालों से चलने वाले इस कैंडल को उजागर किया गया।
महिलाओं को किया जाता था अलग-अलग प्रकार से टॉर्चर
- TCS नासिक सैक्स स्कैंडल में बयान के बाद पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस ऑफिस में जॉब करने वाली महिलाओं को पहले छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणी का सामना करना पड़ता था।
- कुछ महिलाओं को मानसिक उत्पीड़न से भी गुजरना पड़ता था।
- कुछ महिलाओं को झांसा देकर ,झूठा वादा कर शारीरिक संबंध के लिए मजबूर किया गया।
- इस ऑफिस में कई हिंदू महिलाओं को जबरदस्ती नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था।
- रिपोर्ट्स में पाया गया है कि कुछ मामलों में बीफ खाने के लिए भी दबाव डाला गया।
- हिंदू महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को मजाक बनाया जाता था।
- खासकर एक पैटर्न में कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था, उन्हें प्रभावित कर धर्म बदलने की भी कोशिश की गई थी।
इस स्कैंडल में कंपनी और HR की भूमिका
पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही की इस कंपनी के HR ने महिलाओं की शिकायत के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की। यहां तक की HR पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतों को नजरअंदाज करना और महिलाओं को मामला दबाने के लिए मजबूर करना जैसे आरोप HR पर भी लगे हैं। इस पूरी जांच के दायरे में पुलिस ने 6 से 7 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। यह सारे आरोपी टीम लीडर और सीनियर पोजीशन पर थे। एक HR अधिकारी को भी इसमें पकड़ लिया गया है।

TCS नासिक सैक्स स्कैंडल में पुलिस की रणनीति काबिले तारीफ
मार्च 2026 में जब पहली महिला ने शिकायत की तो पुलिस ने तुरंत गिरफ्तारी नहीं की, बल्कि पुलिस ने इस केस को संवेदनशील मानकर महिला से डिटेल में बयान लिया, टाइमलाइन तैयार की। अब पुलिस ने अगला कदम उठाया, अन्य कर्मचारियों से संपर्क करना, अलग-अलग कर्मचारियों को संपर्क कर कम से कम 8 से 9 महिलाओं के बयान लिए गए। सब की शिकायत अलग थी लेकिन पैटर्न एक सा था।
पुलिस ने सीधा छापा मारने की जगह एक SIT तैयार की और ऑफिस के अंदर उन महिला कर्मचारियों को कैमरा के साथ भेजा। उनके साथ होने वाली घटनाओं को इस कैमरा के माध्यम से ट्रैक करना शुरू कर दिया गया। व्हाट्सएप, कॉल, चैट इत्यादि की जांच शुरू की गई। आरोपियों की डेली एक्टिविटी ट्रैक की गई। आरोपियों के घर, ऑफिस और वर्कप्लेस से कई सारे डेटा इकट्ठा किए गए। और इसके बाद सारे सबूत इकट्ठा होने पर पुलिस ने 6 से 7 लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया।
TCS नासिक सैक्स स्कैंडल वाला मामला इतना बड़ा क्यों बन गया है?
नासिक टीसीएस ऑफिस घटना ने कॉर्पोरेट में सुरक्षा की गारंटी पर सवाल उठा दिए हैं। जो हुमन रिसोर्स मैनेजमेंट को हैंडल करता है यहां वही मैनेजमेंट फेल हो गया है। ऑफिस में POSH सही तरीके से लागू नहीं किया गया। महिलाओं को दिनदहाड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट का शिकार होना पड़ा।
हालांकि इस केस में अभी भी जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। TCS नासिक सैक्स स्कैंडल की वजह से महाराष्ट्र में एक बार फिर से राजनीति और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो चुकी है। बता दे की केस सामने आते ही TCS मैनजेमेंट ने इन आरोपी कर्मचारियों को जॉब से निकाल दिया है और जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को अपनाते हुए अपनी हर ब्रांच में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।

















