अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना: भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। एक ऐसा देश जहां अलग-अलग भाषा, संस्कृतियां परंपराएं मिलकर एक खूबसूरत तस्वीर बनाते हैं। लेकिन इसी देश में जब कुछ लोग अपनी ही पहचान के कारण अपमान का सामना करते हैं तो भारत की यह तस्वीर धुंधली पड़ती नजर आती है। जी हां, हाल ही में अरुणाचल प्रदेश से आई एक डांस टीम के साथ पटना में कुछ ऐसा ही हुआ जिसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया। अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना ने समाज की सोच पर आज गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना क्या है और कैसे हुई ?
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अरुणाचल प्रदेश की एक डांस टीम देशभर में अपने सांस्कृतिक डांस का प्रदर्शन कर रही है और इसके लिए वह लगातार यात्रा कर रहे हैं। जब डांस प्रदर्शन के लिए वे पटना पहुंचे तब उन्हें एक विपरीत स्थिति का सामना करना पड़ा। जगह पर मौजूद एक स्त्री ने इस टीम से वॉशरूम जाने के लिए वोटर आईडी की मांग की।
जब टीम ने मना किया तब पटना की महिला ने बात नहीं सुनी। नार्थ ईस्ट की टीम बार-बार पूछती रही कि वह वोटर आईडी क्यों दे? लेकिन फिर भी वह स्थानीय महिला नहीं मानी। वही जब उन्हें समझाने की कोशिश की गई तो वह नॉर्थ ईस्ट की टीम को ‘चिंकी’, ‘मोमोज’ जैसे नाम से बुलाने लगे। नॉर्थईस्ट की टीम जब इस पूरी घटना की शूटिंग करने लगी तब भी वह महिला मुस्कुरा रही थी और यह कह रही थी कि मुझे फर्क नहीं पड़ता जो करना है कर लो।

नक्सली टिप्पणियों ने बढ़ाया दर्द
इस घटना की सबसे खराब बात यह थी कि कला के जरिए देश को जोड़ने वाले कलाकारों को नक्सली टिप्पणियों का शिकार होना पड़ा। उन्हें ‘चिंकी’ , ‘मोमोज’ जैसे अपमानजनक शब्दों से पुकारा गया। यह घटना व्यक्तिगत अपमान नहीं बल्कि मानसिकता का प्रतीक है, जो आज भी नॉर्थ ईस्ट के लोगों को भारत से अलग समझता है।
अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना देश की एकता पर सवाल खड़े करती है। इस पूरे प्रकरण में जिस बात ने सबको झकझोर दिया वह है बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए ID पत्र दिखाने की मांग। जबकि यह तो एक इंसान का नैतिक अधिकार है कि उसे वॉशरूम इस्तेमाल करने दिया जाए। इस प्रकार का भेदभाव आज भी भारत में किया जा रहा है यह सच में एक दयनीय और संवेदनशील विषय है।
क्या है वायरल वीडियो का सच और लोगों का गुस्सा?
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, वीडियो में टीम के सदस्य अपनी आप बीती सुना रहे हैं। उससे साफ पता चलता है कि उनके साथ कितना बुरा व्यवहार किया गया है। वीडियो जैसे ही वायरल हुआ देशभर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया यूजर्स अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना पर अपने व्यूज शेयर कर रहे हैं।
लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आज भी भारत में ऐसा होता है तो इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। इस प्रकार के काम करने वाले लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए। नॉर्थ ईस्ट के लोग भारत के ही लोग हैं, उन्हें इस इस तरह अपमानित करने का हक किसी को भी नहीं।
उत्तर भारत के लोगों का दर्द और देश की एकता पर सवाल
यह घटना केवल एक शहर या केवल एक टीम तक सीमित नहीं है। यह घटना भारत के लोगों की मानसिकता को उजागर करती है। आज भी भारत के कुछ हिस्सों में यह भेदभाव किया जाता है। केवल पटना ही नहीं इससे पहले बेंगलुरु,दिल्ली और न जाने कितने शहरों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां नॉर्थ ईस्ट के लोगों को नक्सलवाद का शिकार होना पड़ा है। आमतौर पर देखा गया है कि नॉर्थ ईस्ट के लोगों को उनकी शारीरिक बनावट और फेस फीचर की वजह से इस प्रकार का अपमान झेलना पड़ता है लेकिन लोगों को समझना चाहिए कि यह लोग भारत का ही अभिन्न हिस्सा है।
ऐसी घटनाओं पर क्या हुआ और क्या होना चाहिए ?
अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना का मामला जैसे ही सोशल मीडिया पर आया इस पर कार्यवाही की मांग तेज हो गई। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन और पुलिस तक मामला पहुंच चुका है। हालांकि अभी तक इस घटना में किसी गिरफ्तारी की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन जांच की मांग लगातार उठ रही है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है और लोग कह रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि ऐसी घटनाओं पर कानूनी रूप से कार्यवाही की जाती है और कई केसेस लागू होते हैं। जैसे IPC की धारा 153 A समुदायों के बीच नफरत फैलाने का केस, IPC की धारा 295 किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचने पर केस
कुल मिलाकर पटना में हुई अरुणाचल डांस टीम नक्सलवाद घटना ने देश भर में एक बार फिर से बहस छेड़ दी है, कि ‘एक भारत ,श्रेष्ठ भारत’ का सपना और इससे जुड़ी बातें कहां तक यथार्थ में काम कर रही है? अगर आज भी किसी को उसके चेहरे, उसकी भाषा या उसके क्षेत्र के आधार पर नीचा दिखाया जा रहा है तो यह घटना नहीं बल्कि सामाजिक पतन का मुद्दा है और इस पर कड़ी कार्यवाही जरूर होनी चाहिए।

















