किसान आंदोलन के साथ साथ और कई ऐसे बड़े कारण सामने आ रहे हैं जिससे भारतीय जनता पार्टी की छवि खराब होती नजर आ रही है। किसान आंदोलन के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया है कि ग्रह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के एल-जी अनिल बैजल की देखरेख में दिल्ली नगर निगम घोटाले में 2500 करोड़ रूपये गायब हो गये हैं।

इसी के चलते आम आदमी पार्टी के नेताओं राघव चड्ढा और आतिशी ने ग्रहमंत्री अमित शाह और दिल्ली के एल-जी अनिल बैजल के घर के बाहर एक विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद उन्‍हें हिरासत में ले लिया गया है।

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क्या है दिल्ली नगर निगम घोटाला?

आम आदमी पार्टी के  अनुसार, उत्तरी दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दक्षिण MCD के 2,500 करोड़ रुपये के किराए का बकाया माफ कर दिया है। इसी के चलते आप नेताओ ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया है कि बीजेपी “सरकारी खजाने का बड़ा नुकसान कर रही है।” और दिल्‍ली की जनता के पैसो का मिसयूज कर रही है।

AAP ने आरोप लगाया है कि नॉर्थ एमसीडी द्वारा माफ की गई राशि मध्य दिल्ली में सिविक सेंटर बिल्डिंग के परिसर का उपयोग करने के लिए किराया था। यह संपत्ति उत्तर नागरिक निकाय के नियंत्रण में आती है।

AAP किराया माफ करने का विरोध क्यों कर रही है?

आम आदमी पार्टी का कहना है कि बीजेपी के अंडर में आने वाले तीन नगर निगम गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। जिससे की, उत्तरी नगर निगम अपने नगर निगम के कर्मचारियों, इंजीनियरों, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को नियमित वेतन का भुगतान नहीं कर पा रहा था। और आर्थिक तंगी के चलते इनती बड़ी राशि माफ कर देना कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर सकता है।

बीजेपी ने आरोपों का क्या जवाब दिया?

आरोपों को “राजनीतिक रूप से पक्षपाती” बताते हुए, भाजपा ने AAP के दावों का खंडन किया है। लेकिन आम आदमी पार्टी लिखित कागजों के रूप में यह दावा करती नजर आ रही है जिससे बीजेपी पार्टी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

दिल्‍ली नगर निगमों के कर्मचारियों को वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते नगरपालिका के इंजीनियरों, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है।

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