मध्य प्रदेश में 1 जून से कोविड अनलॉक (Covid_Unlock) किए जाने की तैयारी शुरू कर ली गई है। संक्रमण दर को कम करने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। संक्रमण को कम करने के लिए इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सख्ती पहले से बढ़ा दी गई है। 

कोरोना कर्फ़्यू अनलॉक को लेकर मंत्रालय में गुरुवार सुबह ही गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया।

यह लोग रहे बैठक में मौजूद : 
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, कैबिनेट मंत्री कमल पटेल, कैबिनेट मंत्री मीना सिंह मांडवे, कैबिनेट मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अरविंद भदौरिया, राज्य मंत्री हरदीप सिंह डंग और सुरेश धाकड़, एसीएएस गृह विभाग राजेश राजोरा और एडीजी अशोक अवस्थी मौजूद रहे।


इन मुद्दों पर बनी सहमति : 

1 जून से  धीरे-धीरे अनलॉक के लिए मंत्री समूह की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बन गई। 

1. सरकारी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों की उपस्थिति पर सहमति बनी। 
2. राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी।
3. मंदिरों में एक समय में पुजारी के अतिरिक्त दो अन्य श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
4. शॉपिंग माॅल, टॉकीज और सिनेप्लेक्स नहीं खुल सकेंगे।

5. इस दौरान निर्माण कार्य और सर्विस प्रोवाइडर संबंधी गतिविधियां चालू रखने पर सहमति बनी।
6. हवाई यात्रा पहले की तरह की चलती रहेगी।
7. पंजीयन और एग्रीकल्चर कार्यालय  खुलेंगे।
8. शादी समारोह में दोनों पक्षों से 20-20 संख्या रहेगी।
9. मृत्यु भोज में 20 की संख्या रहेंगी।
10. दाह संस्कार में 20 लोग रहेंगे।

11. राज्यों की बॉर्डर पर सख्ती रहेगी।
12. आर्थिक गतिविधियां चालू रहेंगी।

बड़े शहरों में राहत मिलने की उम्मीद कम : 
मप्र को भले ही 1 जून को अनलॉक करने की तैयारी हो, लेकिन भोपाल, इंदौर जैसे बडे शहरों में राहत मिलना मुश्किल लग रहा है। शहरों को अनलॉक करने से पहले क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक बुलाई जाएगी। इसी बैठक में जिलों को अनलॉक करने का निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो 30 और 31 मई को इस बैठक का आयोजन होगा।

लेकिन इस दौरान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के सात ऐसे जिलों में राहत मिलने की उम्मीद कम है। इन जिलों में कोरोना पॉजिटिविटी की साप्ताहिक दर अब भी 5 प्रतिशत से अधिक है। डब्लूएचओ की गाइडलाइन (WHO) की मानें तो साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5 प्रतिशत से कम हाेने पर ही संक्रमण को नियंत्रण में मान धीरे धीरे अनलॉक किया जाना चाहिए। 

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