Pakistan और Russia के बीच बढ़ता सहयोग अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए बदलाव का संकेत है। SCO बैठक में हुए समझौते से सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर सहयोग बढ़ेगा, जबकि इसे रूस की नई रणनीतिक दिशा माना जा रहा है।
SCO बैठक में हुआ अहम समझौता
Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Meeting के तहत किर्गिस्तान की राजधानी Bishkek में आयोजित गृह मंत्रियों की बैठक में दोनों देशों ने महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से गृह मंत्री Mohsin Naqvi और रूस की ओर से Vladimir Kolokoltsev मौजूद थे।
किन मुद्दों पर बनी सहमति?
दोनों देशों के बीच जिन प्रमुख मुद्दों पर समझौता हुआ है, वे इस प्रकार हैं:
अवैध प्रवासन पर रोक
दोनों देश एक-दूसरे के यहां अवैध रूप से रह रहे नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने में सहयोग करेंगे।
ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई
नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए साझा ऑपरेशन और इंटेलिजेंस साझा करने पर सहमति बनी है।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ नियंत्रण
घुसपैठ रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
पाकिस्तान-रूस के रिश्तों का पुराना कनेक्शन
पिछले साल जुलाई में दोनों देशों ने एक और बड़ा आर्थिक समझौता किया था, जिसके तहत कराची स्थित Pakistan Steel Mills को फिर से शुरू करने पर सहमति बनी थी।
यह प्लांट 1973 में सोवियत संघ की मदद से स्थापित किया गया था और अब लक्ष्य है कि इसे 2027 तक फिर से चालू किया जाए।
पुतिन की रणनीति: पाकिस्तान की ओर झुकाव क्यों?
Vladimir Putin और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के बीच बढ़ती नज़दीकी को केवल कूटनीतिक संयोग नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछे रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं।
1. पश्चिमी प्रतिबंधों का दबाव
रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते उसे नए व्यापारिक साझेदारों की तलाश है।
2. नए बाजारों की खोज
दक्षिण एशिया में रूस अपने आर्थिक और रणनीतिक अवसर बढ़ाना चाहता है।
3. चीन के प्रभाव का संतुलन
पाकिस्तान को लेकर रूस की दिलचस्पी का एक कारण चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना भी माना जा रहा है।
क्या बदल रहा है वैश्विक समीकरण?
Pakistan और Russia के बीच बढ़ता सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी दे सकता है।



