अहमदाबाद: गुजरात कें मुंद्रा पोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोमवार को 3000 किलो ड्रग्‍स जब्‍त करके सबको हैरान कर दिया, डीआआई के अनुसार गुजरात पोर्ट पर जब्‍त किए गए ड्रग्‍स की कीमत लगभग  21,000 करोड़ बताई जा रही है।

भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी मात्रा में किसी ड्रग कार्टेल का खुलासा सामने आया है लेकिन इससे भी बड़ी हैरान कर देने वाली बात यह है कि मोदी सरकार इस मामले में चुप्‍पी साधे हुए है।

करीब 3 टन हेरोइन की तस्‍करी गुजरात में बीजेपी सरकार के तहत सामने आयी है जिससे विपक्ष लगातर सवाल उठा रहा है।

अफगानिस्‍तान से हो रही तस्‍करी

खबरों के अनुसार गुजरात पोर्ट से बरामद हेरोइन शिप के रास्ते कंटेनरों में छुपा कर अफगानिस्तान से वाया ईरान होते हुए भारत लाई गई थी। DRI ने इस खुलासे को लेकर 4 दिन का ऑपरेशन जारी किया है जिसमें अब तक 5 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।  

चार दिन चले DRI के एक बडे ऑपरेशन के बाद ये ड्रग्स की खेप बरामद की गई है. इस मामले में कुल 5 लोग गिरफ्तार किए गए है जिसमे कुछ अफगानिस्तान मूल के रहने वाले भी है। जिस पोर्ट पर ये कार्टेल उतारा गया वह अडानी ग्रुप के अंतर्गत आता है। इसके अलावा इस शिप का आर्डर करने वाला व्‍यक्ति आंध्र प्रदेश का रहने वाला है।

विपक्ष ने साधा निशाना

विपक्ष द्वारा पूछे गए सवाल

आंध्र प्रदेश की खेप गुजरात बंदरगाह पर क्यों उतरी?

  1. किस कंपनी ने अंतर्गत 3000 किलो ड्रग का ऑर्डर दिया गया?
  2. ऑर्डर देने वाली कंपनी या मालिक कौन है?
  3. क्या यह पहली बार है?
  4. अतीत में ऐसी कितनी हेरोइन खेपों को मंजूरी दी गई?
  5. क्यों खामोश है मोदी सरकार?

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