वर्तमान में बदलती जीवनशैली के कारण अधिकतर लोग बीमारियों की चपेट मे आ रहे हैं। सबसे बॉमन बीमारियों में से मधुमेह यानि डायबिटीज एक ऐसी सामान्‍य बीमारी है जिससे वर्तमान समय में अधिकतर लोग ग्रसित हैं, आजकल यह बीमारी युवाओं में भी देखी जा सकती है।  

डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो एक बार शरीर में हो जाने पर जीवन भर साथ नहीं छोड़ती। मधुमेह चालीस की उम्र के बाद ही होता था लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण बच्चों में मधुमेह का होना भी चिंता का विषय है।

हालांकि मधुमेह होने से पहले शरीर में कुछ लक्षण दिखते हैं जिन्‍हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्‍योंकि शुरूआती डायबिटीज को बड़ी आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

मधुमेह के सामान्‍य लक्षण

  1. बार-बार पेशाब आना

डायबिटीज के कारण शरीर में ब्लड शुगर बढ़ जाता है, जिससे बार-बार पेशाब आना शुरू हो जाता है। यदि आप हर 15 से 20 मिनट में पेशाब करने जाते हैं तो आपके चेकप कराने की आवश्‍यकता है।

  1. सामान्‍य तौर से अधिक प्‍यास लगना

प्‍यास सबको लगती है लेकिन शरीर शुगर की मात्रा बढ़ने से बार बार पेशाब आता है जिससे प्‍यास बहुत लगती है और मरीज सामान्‍य तौर अधिक पानी पीता है।

  1. लगातार भूख लगना

शरीर में शुगर लेवल बढ़ने से बार-बार भूख लगती है. अगर आप बहुत अधिक खाना खा रहे हैं लेकिन आपका पेट नहीं भर पा रहा है तो आपको मधुमेह हो सकता है।

  1. आंखों की रोशनी कम होना

शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने से आंखों के पर्दों को नुकसान पहुंचता है। और आंखे की रोशनी कमजोर हो जाती है।

  1. चक्कर आना

जरूरत से ज्‍यादा थकावट के कारण चक्कर आना महसूस होना भी शरीर में शुगर की संभावना अधिक बताती है।

  1. चिड़चिड़ापन

अगर स्वभाव में अचानक से चिड़चिड़ापन आ जाए तो यह मधुमेह का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में किसी भी काम को करने में व्यक्ति का मन नहीं लगता।

  1. वजन कम होना

शुगर लेवल बढ़ने से भूख ज्यादा लगती है लेकिन वजन कम रहता है।

  1. घाव भरने में देरी

अगर की भी छोटी मोटी चोट का घाव जल्दी ठीक नहीं होता है या ठीक होने में लंबा समय लगता है, तो यह शुगर का सबसे बड़ा लक्षण है।

मधुमेह के कारण

जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है तो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। जो शरीर की यह स्थिति डायबिटीज का कारण बनती है। शरीर में शुगर लेवल की मात्रा विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाती है। इंसुलिन हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में मधुमेह अधिक आम है। मधुमेह होने का सबसे बड़ा कारण वंशानुगत और अनियमित जीवनशैली है।

मरीजों में डायबिटीज दो प्रकार की होती है।  

टाइप 1 मधुमेह

टाइप 1 मधुमेह उन लोगों में होता है जिनके माता-पिता, दादा-दादी के परिवार में मधुमेह है, यह वंशानुगत है जो परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह रोग होने की संभावना होती है।

टाइप 2 मधुमेह

टाइप 2 मधुमेह अनियमित जीवनशैली के कारण होता है। समय पर नींद न लेने, अनियमित भोजन, फास्ट फूड और अधिक मिठाई खाने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि डायबिटीज को कोई स्‍थाई इलाज नहीं है आप इसे स्‍वस्‍थ जीवनशैली से कंट्रोल कर सकते हैं एक्‍सरसाइज और संतुलित आहार और डॉक्‍टर द्वारा ली गई दवाईओं से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। हल्‍के लक्षणों का सामना करने पर डॉक्‍टर को जरूर दिखाएं।

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