Dalai Lama: तिब्बत के 14वें आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसको लेकर अब Dalai Lama की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। बयान के अनुसार, Dalai Lama ने बच्चे और उसके परिवार वालों से माफी मांगी है।

बच्चे को किस करने के मामले में आध्यात्मिक गुरु Dalai Lama ने सोमवार यानि 10 अप्रैल को माफी मांग ली। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि अगर उनके शब्दों से बच्चे या उसके परिवार की भावनाएं आहत हुई हैं तो वो माफी मांगते हैं। Dalai Lama ने कहा कि वे दुनियाभर में अपने सभी समर्थकों से माफी मांगते हैं।

Dalai Lama
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अधिकारिक बयान में लिखा गया कि Dalai Lama अक्सर मासूम और मजाकिया अंदाज में लोगों से शरारत करते हैं। कई बार ऐसा पब्लिक प्लेस और वीडियो के सामने भी है। हालांकि इस घटना पर वो माफी मांगते हैं। वीडियो किस वक्त का है और कहां पर यह घटना हुई, यह जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर वायरल VIDEO

कथित तौर पर ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। इसको लेकर कई लोग Dalai Lama के व्यवहार की आलोचना कर रहे है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने पहले भी कई विवादित मामलों में माफी मांगी है। वर्ष 2019 में दिए एक विवादास्पद बयान के लिए भी Dalai Lama ने माफी मांगी थी।

बता दें कि पिछले महीने Dalai Lama ने आठ साल के अमेरिका में जन्मे मंगोलियाई लड़के को 10वें खलखा जेट्सन धम्पा रिनपोचे के रूप में नामित किया, जो तिब्बती बौद्ध धर्म में तीसरा सर्वोच्च रैंक है।

यूजर्स बोले- POCSO के तहत हो केस दर्ज 

यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कहा कि एक अध्यात्मिक गुरु का ये व्यवहार घिनौना है। एक यूजर ने लिखा- दलाई लामा का ऐसा व्यवहार देखकर चौंक गया हूं। इससे पहले भी वो सेक्सिस्ट कमेंट पर माफी मांग चुके हैं, लेकिन एक बच्चे से ऐसा कहना बेहद घृणित है।

एक यूजर ने लिखा- किसी भी बच्चे को ऐसी स्थिति में नहीं डालना चाहिए। दलाई लामा पर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस (POCSO) के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए।

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सेक्सिस्ट बयान पर 2015 में माफी 

गौरतलब है कि 2015 में BBC को दिए एक इंटरव्यू में Dalai Lama ने कहा था कि उनकी उत्तराधिकारी एक महिला हो सकती है, लेकिन उसे बहुत ही आकर्षक होना चाहिए। हालांकि, इस बयान पर बाद में Dalai Lama ने माफी मांग ली थी। एक स्टेटमेंट तब भी जारी किया गया था।

इस बयान में कहा गया कि Dalai Lama की मंशा किसी को आहत करना नहीं थी। लोग उनके बयान से काफी आहत हुए हैं और वो इसके लिए माफी मांगते हैं। कई बार ऐसी टिप्पणियां हो जाती हैं, जो किसी संस्कृति में तो मजाक की तरह ली जाती हैं, लेकिन जब दूसरी संस्कृति वाले उसे देखते हैं तो ऐसी घटनाएं मजाक में नहीं ली जातीं।

BBC इंटरव्यू की घटना

Dalai Lama ने यह टिप्पणी सबसे पहले 1992 में की थी। तब उन्होंने वोग मैग्जीन की फ्रेंच एडिटर के सामने यही बयान दिया था। इसके बाद 2014 अमेरिकन टेलिविजन प्रेजेंटेटर लैरी किंग, 2015 में BBC को दिए इंटरव्यू में और फिर 2019 में BBC की पत्रकार रजनी वैद्यनाथन को दिए इंटरव्यू में दलाई लामा ने यही बयान दोहराया था।