ठंड में मोज़े पहन कर सोना: सर्दियां जैसे ही आती हैं,चैन की नींद उड़ने लग जाती है। ठंडियों के दिनों में पैर सबसे पहले ठंडे हो जाते हैं और ठंडे पैरों की वजह से ना ही ढंग की नींद आती है और ना ही दिमाग शांत हो पता है। अच्छी नींद के लिए पैरों का गर्म होना जरूरी है। पैरों को जैसे ही गर्माहट मिलने लगती है ब्रेन अपने आप शांत होने लगता है और अच्छी नींद आने लगती है। इसीलिए कई लोग ठंडियों में मोज़े पहन कर सोना पसंद करते हैं। क्योंकि मोज़े पहन कर सोने से पैरों को गर्माहट मिलती है और और गहरी नींद आने लगती है।
मोज़े पहन कर सोने से ब्लड सरकुलेशन और नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है। हालांकि कुछ लोगों के लिए यह अच्छी नींद का रामबाण इलाज होता है तो कुछ लोगों के लिए यह बेचैनी और दर्द का कारण भी बन सकता है। जी हां, मोज़े पहनकर सोने से अच्छी नींद आएगी यह बात सभी पर लागू नहीं होती। बल्कि कुछ लोगों को सोते समय मोज़े भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए क्योंकि इससे उनकी सेहत पर विपरीत परिणाम देखने को मिलते हैं।
मोज़े पहन कर सोने से नींद की क्वालिटी कैसे बेहतर होती है?
अक्सर ठंडियों के दिनों में पैर ठंडे हो जाते हैं। ठंडे पैरों की वजह से शरीर का तापमान संतुलित नहीं होता। जब तक तापमान संतुलित नहीं होता तब तक गहरी नींद नहीं आती। क्योंकि हमारा दिमाग लगातार तापमान को संतुलित करने के लिए सक्रिय रहता है। ऐसे में पैरों में मोज़े पहनते ही बॉडी का कोर तापमान संतुलित हो जाता है और अच्छी नींद आने लगती है।
एक्सपर्ट की माने तो पैर गर्म रखने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जितना बेहतर ब्लड सर्कुलेशन होगा शरीर का तापमान उतना ही नियंत्रण में रहेगा। ठंडियों के दिनों में जब हम पैरों में मोज़े पहन कर सोते हैं तो पैरों में गर्माहट पहुंचने लगती है जिसकी वजह से हमारा स्लीप साइकिल बेहतर होता है। इसके साथ ही पैरों में मोज़े पहनकर सोने से पैरों की झुनझुनी और अकड़न की समस्या भी समाप्त हो जाती है। इस उपाय से बार-बार नींद टूटने जैसी परेशानियां भी काम हो जाती है।
पैरों में मोजे पहनकर सोने से क्या फायदे होते हैं?
- ऐसे लोग जिनकी उंगलियाँ और पैरों की नसें अचानक से अकड़ जाती है और पैर जल्दी ठंडे पड़ जाते हैं वह यदि पैरों में मोज़े पहन कर सोएं तो उंगलियों की अकड़न की समस्या समाप्त हो जाती है।
- वे महिलाएं जो मेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं उन्हें अचानक से रात को ठंड ज्यादा लगने लगती है। ऐसे में पैरों में मोज़े पहनने से कोर बॉडी तापमान नियंत्रण में रहता है इससे न हॉट फ्लशेस आते हैं और ना ही कोल्ड वेव्स महसूस होते हैं।
- वहीं सर्दियों के दौरान कुछ लोगों के पैरों की एड़ियां फटने लगती हैं, यदि यह लोग पैरों पर मॉइश्चराइजर लगाकर मोज़े पहनते हैं तो पैरों की एड़ियां फटने से बच जाती है। उल्टा पर सुंदर और सुघड़ होने लगते हैं।
रात को सोते समय किसे मोजे नहीं पहनना चाहिए?
बता दे कुछ लोगों के लिए मोज़े पहन कर सोना फायदेमंद नहीं होता, बल्कि यह नुकसान का कारण बन सकता है। आईए जानते हैं किन लोगों को सर्दियों में मोज़े पहन कर नहीं सोना चाहिए?
- डायबिटीज का पेशेंट: ऐसे लोग जो डायबिटीज के रोगी है उन्हें रात को सोते समय मोज़े नहीं पहनना चाहिए। इससे पैरों की नसों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। हालांकि जरूरत पड़े तो ढीले और सूती मोज़े पहना जा सकते हैं।
- कमजोर ब्लड सरकुलेशन वाले लोग: ऐसे मरीज जिनके पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या दर्द रहता है या जिनकी पेरीफेरल आर्टरी कमजोर है उन्हें रात को सोते समय मोजे नहीं पहनना चाहिए।
- स्किन एलर्जी / फंगल इन्फेक्शन वाले: कुछ लोगों को स्किन की एलर्जी होती है और कुछ लोगों को रात में मोज़े पहनने की वजह से फंगल इंफेक्शन हो सकता है। ऐसे में इन लोगों को भूल कर भी सोते वक्त मोज़े नहीं पहनना चाहिए
- गर्म कमरों में सोने वाले: यदि आप पहले ही गर्म कमरे में सो रहे हैं जहां हीटर चल रहा है तो भूल कर भी मोज़े न पहनें, क्योंकि मोज़े पहनने की वजह से शरीर का तापमान अचानक से बढ़ सकता है पसीना आ सकता है और बेचैनी हो सकती है।
अच्छी नींद पाने के लिए मोज़े पहन कर सोना एक सरल और अच्छा उपाय हो सकता है। लेकिन यह उपाय प्रत्येक व्यक्ति के बॉडी टाइप पर निर्भर करता है। ऐसे में अपने बॉडी टाइप को समझें और पता करें कि क्या मोज़े पहन कर सोना आपके लिए फायदेमंद होगा या यह किसी बड़े नुकसान का कारण बनेगा? यदि रात को मोज़े पहनने के बाद अचानक से पैरों में झनझनाहट महसूस हो, जलन महसूस हो, गर्मी या पसीना महसूस हो तो झटपट मोज़े उतार दें।
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