विधानसभा पहुंचे पीसीसी चीफ ने मांगा तीन मंत्रियों का इस्तीफा, बोले करेंगे घेराव
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र (MP Budget Satra) के पहले ही दिन सियासी पारा चढ़ गया। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया।
साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस
और भाजपा आमने-सामने नजर आए। विधानसभा सदस्य नहीं होने के बावजूद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहले दिन विधानसभा पहुंचे और बाहर तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि तीन अपराधी मंत्री बजट सत्र में बैठने के हकदार नहीं हैं। यदि ये सदन में दिखाई दिए तो हम कड़ा विरोध करेंगे।
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24 फरवरी को करेंगे विधानसभा का घेराव
पटवारी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से पहले ही आग्रह किया था कि संबंधित मंत्रियों को हटाया जाए। उनका आरोप था कि जिन पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को कमजोर बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश को उसका हक का पैसा केंद्र से नहीं मिल पा रहा और सरकार लगातार कर्ज लेने की तैयारी में है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि इस्तीफे नहीं हुए तो 24 फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष का हमला
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि बजट में सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत पर बात होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश के कर्ज पर श्वेत पत्र लाने की मांग की और कहा कि पुराने बजट की घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन के अंतर को भी सदन में उठाया जाएगा।
महेश परमार का तीखा आरोप
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कानून-व्यवस्था और हाल की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से मौतें हुईं, बच्चों की मौत के मामले सामने आए और प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े हुए। उनका आरोप था कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और जब तक संबंधित मंत्रियों का इस्तीफा नहीं होगा, विरोध जारी रहेगा।
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6 मार्च तक चलेगा सत्र
सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।
नारेबाजी के बीच कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

