Indore Urban Population 2026: इंदौर की शहरी सीमा में आबादी तेजी से बढ़ी है और अब यह 28 लाख से ज्यादा पहुंच गई है। 2011 की जनगणना में यहां करीब 19 लाख लोग रहते थे। यानी पिछले 15 सालों में शहर की आबादी में लगभग 9 लाख की बढ़ोतरी हुई है।

जनगणना के पहले चरण में हुई मकान गणना से यह साफ हुआ है कि Indore का शहरी विस्तार काफी तेज हुआ है। नगर निगम सीमा में मकानों और निर्माणों की संख्या भी दोगुनी से ज्यादा हो गई है।

नगर निगम के 3898 गणना ब्लॉकों में से 3660 से अधिक का काम पूरा हो चुका है। अब तक के आंकड़ों में 8.08 लाख निर्माण दर्ज किए गए हैं, जबकि 2011 में यह संख्या 3.96 लाख थी।

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इस बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह 2014 में 29 गांवों का Nagar Nigam में शामिल होना भी है। इसके बाद वार्डों की संख्या 69 से बढ़कर 85 हो गई। साथ ही सुपर कॉरिडोर, खंडवा रोड, देवास नाका, उज्जैन रोड, बायपास, देवगुराडिया, राऊ और एयरपोर्ट रोड जैसे इलाकों में तेजी से विकास हुआ, जिससे कई नई कॉलोनियां बनीं और लोग बड़ी संख्या में यहां बसने लगे।

नगर निगम आयुक्त Narendranath Pandey के अनुसार, मकान गणना का करीब 96% काम पूरा हो चुका है और इसे 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य है।

आंकड़ों के मुताबिक, 8.08 लाख निर्माणों में से 5.75 लाख से ज्यादा आवासीय भवन हैं। करीब 22 हजार भवन ऐसे हैं जहां आवासीय और व्यावसायिक दोनों गतिविधियां चल रही हैं, जबकि 87 हजार से अधिक निर्माण खाली पाए गए हैं।

2011 की जनगणना के अनुसार इंदौर की जनसंख्या

श्रेणी आंकड़े
कुल आबादी 3,276,697
पुरुषों की जनसंख्या 1,699,627
महिलाओं की जनसंख्या 1,577,070
क्षेत्र घनत्व (प्रति वर्ग किमी) 3,898
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी) 841
लिंग अनुपात 928
बच्चों का लिंग अनुपात (0–6 वर्ष) 901
साक्षरता आंकड़े
कुल साक्षर 2,309,130
साक्षर पुरुष 1,289,631
साक्षर महिलाएं 1,019,499
कुल साक्षरता दर 80.87%
पुरुष साक्षरता दर 87.25%
महिला साक्षरता दर 74.02%
0–6 वर्ष आयु वर्ग की जनसंख्या
कुल बच्चे 421,380
लड़के 221,612
लड़कियां 199,768
बच्चों का कुल अनुपात 12.86%
लड़कों का अनुपात 13.04%
लड़कियों का अनुपात 12.67%

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