सोफिया फिरदौस : उड़ीसा की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और इसकी वजह बनी है सोफिया फिरदौस। जी हां, वही सोफिया फिरदौस जो कभी उड़ीसा की पहली मुस्लिम महिला विधायक बनकर इतिहास रच चुकी है। वे आज एक बार फिर से अपने बागी फैसले की वजह से विवादों का केंद्र बन गई है।
बता दें हाल ही में उड़ीसा में राज्यसभा इलेक्शन हुए थे। सोफिया फिरदौस ने इस इलेक्शन में सियासी भूचाल ला दिया। उन्होंने अपनी पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस को समर्थन न करते हुए भाजपा को वोट दे दिया। इसके बाद अब देश भर में उनके नाम की चर्चा छिड़ गई है।
यहां सवाल केवल एक वोट का नहीं था बल्कि सोच और रणनीति का था जिसकी वजह से अब सोफिया फिरदौस स्टार नेता से बागी नेता बन चुकी हैं और हर कोई अब यही जानना चाहता है कि आखिर सोफिया फिरदौस है कौन? कैसे शुरू हुआ उनका यह राजनीतिक सफर और आज अचानक से उन्होंने यह कदम क्यों उठाया?
सोफिया फिरदौस रच चुकी है इतिहास
सोफिया का जन्म 23 अगस्त 1991 उड़ीसा के कटक में हुआ। 2024 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। सोफिया फिरदौस ने राजनीति में कदम रखते ही इतिहास रच दिया, क्योंकि ओडिशा विधानसभा में पहुंचने वाली वह पहली मुस्लिम विधायक थी। उन्होंने बाराबाती कटक सीट से चुनाव लड़ा और बीजेपी के उम्मीदवार को 8000 वोटो से हराकर जीत दर्ज की।
सोफिया एक नेता होने से पहले एक पढ़ी-लिखी प्रोफेशनल लड़की हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कलिंगा यूनिवर्सिटी से की है। इसके बाद बेंगलुरु के IIM से मैनेजमेंट की पढ़ाई भी पूरी की है। मतलब वह पढ़ी-लिखी समझदार नेता हैं। राजनीति में आने से पहले वह सफल बिजनेस वूमेन भी रह चुकी हैं और रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने CREDAI जैसी संस्था के अहम पदों को भी संभाला है।

पिता की विरासत को संभाल रही है सोफिया फिरदौस
असल में सोफिया राजनीति में आने का कोई प्लान नहीं कर रही थी। लेकिन उनके पिता मोहम्मद मकीम जो उड़ीसा के विधायक हैं उन्हें 2024 में चुनाव लड़ने से रोका गया। जिसके बाद पार्टी ने मोहम्मद मकीम की बेटी सोफिया को उम्मीदवार बनाया और सोफिया ने पहली बार ही राजनीति में उतरते ही इतिहास रच दिया। बिजनेस वूमेन ने राजनीति की राह पकड़ी और सीधे विधानसभा पहुंच गई।
सोफिया फिरदौस की पर्सनल लाइफ
सोफिया की शादी 2015 में शेख मेराजुल हक से हो चुकी है। उनके पति एक बिजनेसमैन हैं। उनका परिवार सामाजिक कार्यों में भी काफी सक्रिय है। खुद सोफिया भी समाज सेवा से जुड़ी हैं। इसीलिए उनकी छवि लोगों के बीच में एक जमीनी नेता की है। उन्होंने एक महीने में चुनाव अभियान के दौरान जनता के बीच अपनी पहचान बना ली। हालांकि उनकी खास बात यह है कि उनके वोट में मुस्लिम लोगों का परसेंटेज काफी कम है। बल्कि अन्य धर्म के लोग उनकी लोकप्रियता और सामाजिक कार्यों की वजह से उनका सम्मान करते हैं और इसीलिए उन्हें जिताते हैं।
सोफिया फिरदौस की नेट वर्थ
राजनीति के साथ-साथ सोफिया फिरदौस बिजनेस वूमेन भी रह चुकी है। उनका परिवार भी एक बिजनेस फैमिली है। पिता और पति दोनों ही बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार के सामाजिक सेवा के कार्य भी करते हैं। वर्तमान में सोफिया फिरदौस की नेट वर्थ करीबन 5 करोड़ तक बताई जा रही है।
हालांकि सूत्रों की माने तो सोफिया फिरदौस पर 28 लाख रुपए की देनदारी भी है। उनकी आय केवल राजनीति से नहीं बल्कि रियल एस्टेट बिजनेस, कॉर्पोरेट रोल, इंडस्ट्री बॉडी CREDAI से भी होती है। क्योंकि वे एक बिजनेस बैकग्राउंड नेता है इसीलिए वह आर्थिक रूप से पहले से ही काफी मजबूत हैं। मतलब वे कोई साधारण नेता नहीं बल्कि एक करोड़पति MLA हैं।
सोफिया फिरदौस का बागी नेता का रूप लेना
हाल ही में सोफिया ने कुछ ऐसा काम कर दिया जिसकी वजह से उन्हें बागी नेता का तमगा मिल चुका है। सोफिया ने हाल ही में अपने पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस की लाइन से हटकर बीजेपी को वोट कर दिया। राजनीति में क्रॉस वोटिंग को अक्सर एक सीधा संदेश माना जाता है जिसका अर्थ है कि पार्टी के नेता में असंतोष है या वह पार्टी बदलना चाहता है।
ऐसे में कांग्रेस ने फिलहाल सोफिया को पार्टी से बाहर कर दिया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि सोफिया की छवि उड़ीसा की राजनीति में युवा और साफ सुथरी है। ऐसे में अब उन्हें बागी नेता का दर्जा मिल चुका है। अब सब लोग यही जानना चाहते हैं कि आखिर कांग्रेस द्वारा बेदखल होने के बाद सोफिया फिरदौस क्या अपोजिशन का हाथ थामेंगी? या वह स्वतंत्र राजनीति की राह चुनेंगी?
कुल मिलाकर सोफिया फिरदौस एक साफ सुथरी छवि वाली ऐसी नेता है जिन्हें जनता का ढेर सारा प्यार मिलता रहा है। हाल ही में उनके बाग़ीपन की वजह से उड़ीसा की राजनीति में उथल-पुथल जरूर मच चुकी है लेकिन निश्चित ही सोफिया के इस काम के पीछे कुछ सोची समझी रणनीति जरूर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि सोफिया आगे कौन सी राह चुनती है।

















