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राजधानी भोपाल में कोई प्रेस कान्फ्रेंस हो या किसी फिल्म की कवरेज। इस दौरान राजधानी के तमाम प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हाउस के अलावा फर्जी पत्रकार भी बड़ी संख्या में एक्टिव हो जाते हैं। इन पत्रकारों की हरकतों के कारण अक्सर प्रिंट मीडिया के पत्रकार अपनी कवरेज सही तरीके से नहीं कर पाते हैं। इन पर लगाम लगाने को लेकर समय समय पर तमाम प्रयास किए गए हैं, लेकिन इनको लेकर बरती गई उदासीनता के कारण तमाम फर्जियों के हौसले बुलंद हैं।
