गुजरात UCC बिल 2026: बिना शादी के साथ रहने वाले कपल्स के लिए बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अब यदि आपको बिना शादी लिव इन में रहना है तो गुजरात एकदम परफेक्ट स्टेट बनने वाला है। जी हां, गुजरात सरकार द्वारा पेश किया गया गुजरात UCC बिल 2026 अचानक से देश भर में चर्चा का केंद्र बन गया है।
इस बार यह केवल यूनिफॉर्म सिविल कोड नहीं बल्कि समाज में किये जाने वाले बड़े बदलाव हैं जो युवाओं की लाइफस्टाइल और रिश्तों की परिभाषाओं को प्रभावित करेंगे। खासकर लिव इन रिलेशनशिप को लेकर UCC बिल 2026 में कुछ नए प्रस्ताव पारित किए जाने वाले हैं।
Live In रिलेशनशिप को समाज में अब तक आधी अधूरी ही स्वीकार्यता ही मिली थी। लेकिन गुजरात अब इस पूरे मामले में एक कदम आगे निकल गया है। इसमें न केवल लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी ढांचे में लाने की कोशिश की गई है बल्कि रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के लिए नए प्रावधान भी जोड़ दिए गए हैं। मतलब अब बिना शादी किए साथ रहना पर्सनल चॉइस नहीं होगी बल्कि सरकार की नजर में एक आधिकारिक रिश्ता भी बन जाएगा। उत्तराखंड के बाद गुजरात एक ऐसा राज्य बनेगा जो लिव इन रिलेशनशिप को सरकारी मान्यता के साथ आधिकारिक बनाने वाला है।
ऐसे में अब देश भर में चर्चा चढ़ गई है कि यह बिल क्या कपल्स और समाज के हर वर्ग को स्वतंत्रता देगा? या यह उनके निजी जिंदगी में दखल देगा? क्या गुजरात अब लिव इन रिलेशनशिप वालों के लिए नया हॉटस्पॉट बन जाएगा?
क्या है गुजरात UCC बिल 2026
गुजरात UCC बिल एक एक ऐसा कानून है जो गुजरात राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों को विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, पारिवारिक मामलों के अंतर्गत एक सामान्य नियम मानने पर मजबूर करेगा। जी हां, इस बिल में हर धर्म के व्यक्ति को एक समान कानून के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। हालांकि अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है। लेकिन फिर भी यूनिफॉर्म सिविल कोड 2026 में गुजरात के नागरिकों को जहां एक ओर विशेष शक्तियां प्रदान करेगा वही कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां के अंतर्गत बांधेगा भी।
गुजरात में लिव इन रिलेशनशिप को मिलेगी कानूनी मान्यता
उत्तराखंड के बाद गुजरात एक ऐसा राज्य बनेगा जहां लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता मिलने वाली है। अब लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी रूप से रजिस्टर करना अनिवार्य होगा। इस पूरी प्रक्रिया में कपल को अपने रिश्ते की जानकारी रजिस्ट्रार को देनी होगी। यदि कपल लिव इन रिलेशनशिप को खत्म करना चाहता है तो उसके बारे में भी रजिस्ट्रार को सूचना देनी होगी। मतलब लिव इन रिलेशनशिप अब कोई निजी मामला नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने वाला रिश्ता बन जाएगा।
गुजरात में लिव इन रिलेशनशिप अब कानूनी ढांचे में लाया जाएगा जिसकी वजह से इसे मिलेगी कानूनी मान्यता। लेकिन सभी कपल्स को सरकारी नियमों का पालन करना होगा। यदि कोई व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ लिव इन में रह रहा है परंतु रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है तो उसे कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
गुजरात UCC बिल 2026 में महिलाओं के लिए विशेष नियम
- गुजरात UCC बिल 2026 के अंतर्गत महिलाओं के अधिकारों पर खास ध्यान दिया गया है।
- खासकर Live In में रहने वाली महिलाओं को मेंटेनेंस का अधिकार मिलेगा।
- यदि रिश्ता टूटता है तो महिला को आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।
- असल में रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी कपल्स के अधिकारों को देखकर ही दी जा रही है ताकि लिव इन में रहने वाले किसी प्रकार के अपराधों में ना उलझे।
- बल्कि लिव इन में रहते हुए यदि बच्चा पैदा होता है तो बच्चे को वैध अधिकार दिए जाएं।
- इसमें माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी 50-50% की होगी।
- ऐसा करने से महिलाओं को लिव इन रिलेशनशिप में पूरी सुरक्षा दी जा रही है और पैदा होने वाले बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जा रहा है।
गुजरात UCC बिल में शादी और तलाक पर बदलाव
- गुजरात UCC बिल 2026 के अंतर्गत सभी धर्म को अब शादी और तलाक के एक जैसे नियम मान्य करने होंगे।
- व्यक्ति चाहे किसी भी धर्म से आता हो उसे एक समान विवाह प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
- बहु विवाह पर रोक लगाई जाएगी।
- तलाक के लिए भी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
- इस नए नियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य विवाह और कानून को सामाजिक और कानूनी नियमों के अंतर्गत लाना ताकि किसी के साथ भी कोई अन्याय न हो।
हालांकि गुजरात UCC बिल 2026 जहां विशेष प्रकार के नए सुधार लेकर आया है वही कुछ विवादों को भी जन्म दिया है। रिलेशनशिप में रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को देखकर लोगों का मानना है कि इससे निजी स्वतंत्रता में दखल देना माना जाएगा। वही विवाह और तलाक को लेकर सभी समुदायों को एक जैसे कानून मानने होंगे। यह सब भी अब विवाद का कारण बनता जा रहा है । अब देखना यह होगा कि गुजरात सरकार गुजरात UCC बिल 2026 को कैसे सफलतापूर्वक लागू करती है?


















