Kharmas के दिनों में शुभ कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा पाठ में रुकावट नहीं है. खरमास के दिनों में नकारात्मक प्रभाव ज्यादा होता है. ऐसे में आप तुलसी मे जल अर्पण कर इस नकारात्मक प्रभाव को दूर कर सकते हैं. जल अर्पण से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. वहीं अक्सर लोगों में संशय बना रहता है कि खरमास के दिनों में तुलसी पूजन करना चाहिए या नहीं. देवघर के ज्योतिषी ने बताया खरमास में तुलसी पूजा.
Kharmas के दिनों में तुलसी पूजन के नियम
खरमास के माह में तुलसी में जल जरुर अर्पित करें लेकिन तुलसी के ऊपर सिंदूर या कोई पूजन सामग्री न चढ़ायें। इससे सकारात्मक असर पड़ने के बजाय नकारात्मक असर पड़ेगा।
खरमास में तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं। तुलसी पूजा करने से ग्रहों का दुष्प्रभाव कम हो जाता है। खरमास के दौरान तुलसी पूजा का अनुष्ठान या तुलसी माता के निमित्त यज्ञ करने से धन में अपार वृद्धि होती है। लेकिन खरमास महीने में तुलसी को स्पर्श करने से बचना चाहिए।
तुलसी पूजन के दौरान
ॐ श्री मत्पंकजविष्टरो हरिहरौ, वायुमर्हेन्द्रोऽनलः
चन्द्रो भास्कर वित्तपाल वरुण, प्रताधिपादिग्रहाः
प्रद्यम्नो नलकूबरौ सुरगजः, चिन्तामणिः कौस्तुभः
स्वामी शक्तिधरश्च लांगलधरः, कुवर्न्तु वो मंगलम् मंत्र का जाप करें।
खरमास के महीने में पड़ने वाली एकादशी, मंगलवार और रविवार के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए। इसके साथ ही इस दिन जल अर्पण भी नहीं करना चाहिए।
जल चढ़ाएं पर इस सामग्री को दूर रखें
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि 16 दिसंबर से खरमास शुरू होने जा रहा है. खरमास के दिनों में शुभ कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा पाठ में रुकावट नहीं है. खरमास के दिनों में नकारात्मक प्रभाव ज्यादा होता है. ऐसे में आप तुलसी मे जल अर्पण कर इस नकारात्मक प्रभाव को दूर कर सकते हैं. जल अर्पण से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. लेकिन, खरमास के दिनों में भूलकर भी तुलसी के ऊपर सिंदूर या कोई पूजन सामग्री न चढ़ाएं. इसका विपरीत असर पड़ सकता है.
खरमास में तुलसी से जुड़े ये कार्य भी न करें
हिंदू धर्म में तुलसी पूजा से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं, जहां कई दिन ऐसे होते हैं जिसमें तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए. वहीं खरमास के महीने में पड़ने वाली एकादशी, मंगलवार और रविवार के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए. साथ ही इस दिन जल अर्पण भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज होती हैं और घर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
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