दीपेंद्र गोयल नेट वर्थ : जनवरी 2026 में एक के बाद एक धमाकेदार खबरें सामने आ रही है। हाल ही में खबर सामने आई है कि Zomato के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने CEO का पद छोड़ दिया है। पहली नजर में सुनकर ऐसा लगा कि शायद वे अपनी कंपनी से दूर हो गए हैं, लेकिन हकीकत में उनका यह फैसला बिल्कुल ही अलग है। दीपेंद्र गोयल ने Zomato को नहीं बल्कि कम्पनी CEO की कुर्सी छोड़ी है ताकि उन कामों पर ध्यान दे सके जो एक कंपनी के CEO रहते हुए वे नहीं कर पाते।
दीपेंद्र गोयल आज भी जोमैटो की पैरंट कंपनी Eternal Ltd. से जुड़े हुए हैं। वे कम्पनी के बोर्ड मेंबर भी बने रहेंगे, लेकिन अब वह कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और नए एक्सपेरिमेंट पर फोकस करेंगे। दीपेंद्र गोयल जब तक कंपनी के सीईओ थे तब तक केवल रोज़मर्रा के ऑपरेशन और शेयर बाजार का दबाव ही देखते थे। परंतु अब वे जोमैटो के साथ नए ज्यादा जोखिम भरे और नए एक्सपेरिमेंट करने वाले हैं। दीपेंद्र गोयल की माने तो यह सफर कोई अंत नहीं है बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है।
चलिए सबसे पहले जानते हैं कि दीपेंद्र गोयल ने कैसे Zomato की नींव रखी
दीपेंद्र गोयल ने सबसे पहले IIT दिल्ली से मैथमेटिक्स और कंप्यूटिंग में इंटीग्रेटेड मास्टर प्रोग्राम पूरा किया। इसके बाद उन्होंने ब्रेन एंड कंपनी जैसी मैनेजमेंट कंपनी में काम किया और यहां उन्होंने बिजनेस स्ट्रेटजी और ऑपरेशन को समझा। अब उन्होंने अपनी की गई कमाई से ही Foodie Bayकी शुरुआत की, Foodie Bay असल में रेस्टोरेंट मेनू और रिव्यू का प्लेटफार्म था धीरे-धीरे उन्होंने इसे ही अपग्रेड कर जोमैटो नाम दिया। 2015 तक इसे फूड डिलीवरी ऑनलाइन ऑर्डरिंग और रेस्टोरेंट गाइड में बदल दिया गया। 2021 में जोमैटो की IPO लिस्टिंग हुई और कंपनी की वैल्यू लगभग 12 बिलीयन डॉलर पर पहुंच गई। जिसके साथ दीपेंद्र गोयल बन गए अरबपति, इसके बाद दीपेंद्र गोयल ने जोमैटो को क्विक कॉमर्स जैसे कि BlinkIt और HyperPure जैसे वर्टिकल से भी जोड़ा।
क्या है दीपेंद्र गोयल की नेटवर्थ?
Deepinder Goyal ने जब Zomato की शुरुआत की तब उनके पास केवल काम करने का जज्बा और नॉलेज थी। पर आज Deepinder Goyal Total Net worth के चलते अरबपति क्लब में शामिल हो चुके हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.6 से 1.7 बिलियन डॉलर बताई जा रही है मतलब दीपेंद्र गोयल वर्तमान में 14000 करोड़ की संपत्ति के मालिक है।
जोमैटो में अब क्या बदलाव आया है ?
दीपेंद्र गोयल के इस्तीफे के बाद अब जोमैटो केCEO अलविंदर सिंह ढींडसा बनेंगे जो पहले Blinkit के CEO थे और अब ईटरनल लिमिटेड के सीईओ बनेंगे और 1 फरवरी 2026 से यह भूमिका संभालेंगे। दीपेंद्र गोयल के इस्तीफे के बाद बोर्ड मेंबर्स में अलबिंदर सिंह ढींढसा को ग्रुप CEO इसीलिए चुना है क्योंकि उन्होंने Blinkit में काफी बड़ा योगदान दिया है और उनके नेतृत्व में ही Blinkit आज बहुत बड़ी रेवेन्यू कमा रहा है। दीपेंद्र गोयल के रेजिग्नेशन के बाद अब कंपनी में कई रणनीतिक परिवर्तन आएंगे और दीपेंद्र पैरेंट कम्पनी Eternal Ltd. में नए एक्सपेरिमेंट करेंगे।
जोमैटो के CEO पद से रेजिग्नेशन के बाद दीपेंद्र गोयल का अगला प्लान क्या है?
जैसा कि हमने बताया दीपेंद्र गोयल जोमैटो अर्थात ईटरनल लिमिटेड से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने केवल CEO की कुर्सी छोड़ी है। वे अब एक्सपेरिमेंट और एक्सप्लोरेट्री आइडियाज़ पर काम करेंगे। उनके पास कई सारे ऐसे बिजनेस आईडियाज हैं जो सीईओ के पद के चलते इस्तेमाल में नहीं लाये जा रहे थे। अब वह खुले दिमाग से नये प्रयोग करना चाहेंगे। सूत्रों की माने तो जल्द ही दीपेंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन या फ्यूचर ऑफ़ कॉमर्स को लेकर कुछ विशेष प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले हैं। जी दीपेंद्र गोयल Eternal Ltd के VC बने रहेंगे और इस कंपनी को नई दिशा में मोड़ेंगे। दीपेंद्र गोयल के नजदीकियों का कहना है कि वे जल्द ही कोई किताब भी लिखने वाले हैं।
दीपेंद्र गोयल का Zomato CEO पद से रिजाइन करना उनकी ही रणनीति का हिस्सा है। एक स्टार्टअप कंपनी को करोड़ों की कंपनी बनाना, IPO की लिस्टिंग करना और उसके बाद नए एक्सपेरिमेंट करने के लिए कंपनी के CEO पद से इस्तीफा देना यह सारे काम स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि दीपेंद्र गोयल असल में एक डेडिकेटेड बिजनेसमैन हैं जो की एक कदम पीछे हटकर एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार रहता है। अब वे शेयर मार्केट के प्रेशर पर नही बल्कि नए-नए प्रयोग पर विचार करेंगे। शायद जल्द ही भारत को कुछ नया और पहले से कुछ बेहतर फ्यूचर कॉमर्स रेडी प्रोजेक्ट मिलेगा।
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