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31मई से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। दरअसल आठ दिन में ही जूडा के तेवर नरम पड़ने के कई कारण हैं। एक तो सरकार पहले से ही जूनियर डॉक्टरों पर सख्त हो गई थी। उसके बाद प्रदेश की शीर्ष कोर्ट ने भी जूडा की हड़ताल को अवैध करार दे दिया था। इसके बाद पूरे प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों का यह संगठन दो गुटों में बंट गया।
