Trans Amendment Bill 2026 को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक अहम कदम बता रही है, वहीं दूसरी तरफ इसी समुदाय के कई लोग इसे लेकर खुलकर विरोध जता रहे हैं। संसद से लेकर सोशल मीडिया तक इस बिल के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। इसी बीच मशहूर ड्रैग आर्टिस्ट और LGBTQIA+ एक्टिविस्ट Sushant Divgikar उर्फ रानी कोहीनूर ने इस बिल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस प्रस्तावित कानून को “पूरी तरह बेकार” और “जमीनी हकीकत से दूर” बताया।
पहचान का अधिकार छीनना गलत है

Sushant Divgikar का कहना है कि इस बिल के जरिए ट्रांसजेंडर लोगों से उनका सबसे बड़ा अधिकार खुद की पहचान तय करने का हक छीन लिया जाएगा। उन्होंने 2014 के NALSA Judgment 2014 का जिक्र करते हुए कहा कि भारत उन शुरुआती देशों में था जिसने ट्रांसजेंडर लोगों को कानूनी पहचान का अधिकार दिया था, लेकिन अब वही अधिकार कमजोर किया जा रहा है।
उनके मुताबिक, असली जरूरत इस समुदाय को शिक्षा और सम्मान देने की है, ना कि उनके अस्तित्व पर सवाल खड़े करने की। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सड़कों पर तालियां बजाकर गुज़ारा कर रहे हैं, अगर उन्हें सही अवसर और शिक्षा मिले तो वही लोग सम्मानजनक तरीके से कमाई भी कर सकते हैं।
क्या हर किसी को प्रूफ देना होगा?
अपने बयान में उन्होंने एक तीखा उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला से उसकी पहचान साबित करने को कहा जाए, तो क्या उसे भी इस तरह के सवालों का सामना करना पड़ेगा? इसी तरह पुरुषों से उनकी “मर्दानगी” का प्रमाण मांगना भी कितना बेतुका होगा। उनका इशारा इस बात पर था कि पहचान को मेडिकल टेस्ट या सर्टिफिकेट से जोड़ना इंसान की गरिमा के खिलाफ है।
सरकार से सीधी बात करने की इच्छा
Sushant Divgikar ने यह भी कहा कि वह इस बिल को बनाने वालों से मिलकर बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वह “अदरक वाली चाय पर बैठकर” इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करना चाहेंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह बिल वास्तविक समझ के बिना तैयार किया गया है।
क्या है Trans Amendment Bill 2026?

इस बिल को Virendra Kumar ने 13 मार्च को लोकसभा में पेश किया था। इसका मुख्य उद्देश्य “ट्रांसजेंडर” शब्द की परिभाषा को स्पष्ट करना बताया गया है। हालांकि, विवाद की वजह इसके कुछ प्रावधान हैं इसमें आत्म-पहचान के अधिकार को सीमित करने, मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेशन अनिवार्य करने और परिभाषा को संकुचित करने जैसी बातें शामिल हैं। यही कारण है कि ट्रांसजेंडर समुदाय इसे अपने अधिकारों के खिलाफ मान रहा है।
कौन हैं रानी कोहीनूर?
Sushant Divgikar भारत के जाने-माने ड्रैग आर्टिस्ट, सिंगर और एक्टिविस्ट हैं। ‘रानी कोहीनूर’ उनके स्टेज पर्सोना का नाम है। उन्होंने Mr Gay India 2014 का खिताब जीता और बाद में सिंगिंग शो Sa Re Ga Ma Pa में भी अपनी पहचान बनाई।
आगे क्या?
Trans Amendment Bill 2026 फिलहाल एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जहां सरकार इसे सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं समुदाय इसे अधिकारों में कटौती के रूप में देख रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस विरोध पर क्या रुख अपनाती है और क्या इस बिल में कोई बदलाव किए जाते हैं या नहीं।

















