Physical Relationship During Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि आते ही पूरे ब्रह्मांड में भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बन जाता है। हर घर में चैत्र नवरात्रि की तैयारी जोर-जोर से की जाती है। मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन व्रत-आरती इत्यादि घर-घर में...

Physical Relationship During Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि आते ही पूरे ब्रह्मांड में भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बन जाता है। हर घर में चैत्र नवरात्रि की तैयारी जोर-जोर से की जाती है। मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन व्रत-आरती इत्यादि घर-घर में किए जाते हैं। नवरात्रि का यह 9 दिन का पर्व शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए मनाया जाता है। इन 9 दिनों में माहौल इतना पवित्र हो जाता है कि कुछ लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या इन नौ दिनों के भीतर पति-पत्नी को यौन इच्छाओं पर संयम बरतना चाहिए? क्या इन 9 दिनों में शारीरिक संबंध बनाना सही है? या धार्मिक दृष्टि से यह गलत माना जाता है?
यह सवाल केवल जिज्ञासावश नहीं पूछा जाता। बल्कि यह सवाल आस्था परंपरा और आधुनिक सोच के बीच संतुलन बनाने की भी कोशिश करता है। 9 दिनों के भीतर पति-पत्नी को संयम बरतने की सलाह जरूर दी जाती है, क्योंकि हिन्दू धर्म में नवरात्र के दौरान संबंध बनाना वर्जित माना जाता है। हालांकि कुछ लोग इसे व्यक्ति के दैनिक जीवन का हिस्सा समझते हैं। ऐसे में यह कंफ्यूजन जरूर देखा जाता है कि आखिर यह अंधविश्वास है या जानकारी का अभाव? इस बात को लेकर धर्मशास्त्र क्या कहता है? व्यवहारिक ज्ञान आखिर इसके बारे में क्या सोच रखता है? इसी को लेकर हम आज आपको बताने वाले हैं इस बात का संपूर्ण विवरण, क्या नवरात्रि में शारीरिक संबंध बनाना सही है या गलत? (chaitra navratri me sambhog karna chahiye ya nahi)
नवरात्रि पर्व वर्ष में चार बार आता है, जिनमें से दो बार गुप्त और 2 बार सम्पूर्ण भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। इनमें से एक है चैत्र नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि आत्म शुद्धि और साधना का विशेष समय होता है। इस दौरान व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक विचार अपनाता है। उपवास किया जाता है, जप, ध्यान पूजा हवन तप इत्यादि किए जाते हैं ताकि मन और शरीर दोनों को शुद्ध किया जा सके।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इस दौरान उपवास, जप-तप नहीं भी कर पता तो सात्विक जीवन अपनाने से ही उसे नवरात्रि के पुण्य मिल जाते हैं। ऐसे में सात्विक जीवन अपनाने का अर्थ यही है कि इस दौरान व्यावहारिक कार्यों को दूर रखकर सही रास्ता अपनाया जाए, मन को शांत और पवित्र बनाए रखा जाए।
भारतीय समाज में नवरात्रि का महत्व काफी गहराई से जुड़ा है। नवरात्रि के दौरान आमतौर पर 9 दिनों तक पालन करने वाले लोग मांस, शराब, तामसिक भोजन से दूर रहते हैं शारीरिक संबंधों से परहेज करते हैं। बिस्तर पर सोने की जगह जमीन पर सोते हैं।
नए-नए आधुनिक कपड़े पहनने की बजाय साधारण सूती कपड़े पहनना पसंद करते हैं। चमड़े की चप्पलों की जगह रबड़ की चप्पल धारण करते हैं या नंगे पैर चलते हैं। ऐसे में कुछ लोग सदियों से चलती हुई मान्यता को अहमियत देते हैं। ऐसे में धार्मिक अनुशासन के आधार पर नवरात्रि के दौरान शारीरिक संबंध बनाना वर्जित ही माना जाता है।