5 सबसे अच्छी सेक्स पोजीशन: आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में रिलेशनशिप को मजबूत बनाए रखना अब आसान नहीं रहा। किसी भी रिश्ते को चलाए रखने के लिए सिर्फ प्यार काफी नहीं होता। साथ रहने के अलावा रिश्ते में नजदीकी समझ और संतुष्टि भी बहुत जरूरी होती है। प्यार भरे रिश्तों में शारीरिक संबंध एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि शारीरिक संबंध केवल शरीर का नहीं बल्कि समर्पण का आईना होता है। और यहीं पर भूमिका निभाती है इस दौरान ली जाने वाली विभिन्न पोजीशंस।
जी हां, सेक्स पोजीशंस को लोग केवल एक आम सी शारीरिक क्रिया समझते हैं लेकिन असल बात यह है की सेक्स पोजीशन रिश्तों में नई ऊर्जा भरती है। शारीरिक संबंध बनाते समय होने वाली बोरियत को दूर करती है। यह पोजीशन आपको अपने पार्टनर को समझने का मौका देती है। एक दूसरे के बीच इमोशनल बांड बनाने में मदद करती है और इससे रिश्ते और गहरा बनते हैं।
कामसूत्र में भी मिलता है विभिन्न सेक्स पोज़िशन का वर्णन
दुनिया की सबसे पुरानी और सेक्स से जुड़ी मुख्य किताब कामसूत्र में भी शारीरिक संबंध को आनंदमयी बनाने के लिए अलग-अलग सेक्स पोजीशंस का वर्णन किया गया है। क्योंकि एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है। जैसे हम सब जानते हैं की सेक्स तनाव को काम करता है। रिश्तो में नजदीकियां बढ़ाता है वैसे ही अगर सेक्स लाइफ को बेहतर बनाना है तो सेक्स पोजीशन पर भी काम करना जरूरी होता है। क्योंकि यही वह महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जो रिश्तो में पुनः स्पार्क ला सकता है। इसीलिए इन्हें सेक्स पोजीशन के बारे में समझना बेहद जरूरी है।
5 बेस्ट सेक्स पोजीशन सो रिश्तों को बनाते हैं और मधुर
मिशनरी पोजीशन: मिशनरी पोजीशन कामसूत्र में कहीं भी वर्णित नहीं है। यह पोजीशन वेस्टर्न कल्चर से प्रभावित है। हालांकि यह पोजीशन सबसे कंफर्टेबल पोजीशन में से एक मानी जाती है। इसमें एक पार्टनर बेड पर पीठ के बल लेटता है। दूसरा पार्टनर सामने से ऊपर रहता है। दोनों एक दूसरे के आमने-सामने होते हैं। इस दौरान कमर के नीचे तकिया रखने से आराम और एंगल दोनों ही बेहतर रहता है।फायदे:
- मिशनरी पोजीशन में रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
- रिलेशनशिप में नए लोगों के लिए सबसे आरामदायक और आसान पोजीशन होती है।
- इसमें कम्युनिकेशन बेहतर होता है।
- यह पोजीशन विश्वास और अपनापन बढ़ाने में मददगार होती है
डॉगी स्टाइल: डॉगी स्टाइल पोजीशन में एक पार्टनर घुटनों और हाथों के बल आगे की ओर रहता है। दूसरा पार्टनर पीछे की ओर खड़ा या घुटनों के बल रहता है। इस दौरान पीठ सीधी रखें, कम्युनिकेशन बनाए रखें ताकि कंफर्ट जोन बना रहे।
फायदे:
- डॉगी स्टाइल पोजीशन में गहराई ज्यादा मिलती है।
- पार्टनर को मोमेंट पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है।
- यह एक नए प्रकार का एक्सपेरिमेंट होता है जो शारीरिक संतुष्टि बढ़ाने में मदद देता है।
काऊ गर्ल पोजीशन: इस पोजीशन में फीमेल पार्टनर के हाथ में कंट्रोल होता है। मेल पार्टनर बेड पर पीठ के बल लेटता है। फीमेल पार्टनर उसके ऊपर होती है। इस दौरान फीमेल पार्टनर के हाथ में ही पूरी मोमेंट और पूरा कंट्रोल होता है।
फायदे:
- इस पोजीशन में महिला को ज्यादा संतुष्टि मिलती है। महिला अपनी सुविधा के अनुसार मोमेंट करने के लिए आजाद होती है।
- इससे फीमेल पार्टनर का आत्मविश्वास और बॉडी अवेयरनेस बढ़ता है।
- और दोनों पार्टनर्स के बीच तालमेल बना रहता है।
स्पूनिंग पोजिशन: स्पूनिंग पोजिशन में दोनों पार्टनर को एक ही साइड में एक ही तरफ मुंह कर लेटना होता है। उदाहरण के लिए यदि फीमेल पार्टनर का मुंह उत्तर की तरफ है तो मेल पार्टनर फीमेल पार्टनर को पीछे से पकड़ कर लेट जाए और उत्तर दिशा की तरफ ही मुंह कर ले। ऐसे में पीछे वाले पार्टनर के पास पूरा कंट्रोल होता है। यह पोजीशन बहुत ही स्लो और रिलैक्स मोमेंट के लिए होती है। एक्सपर्ट्स प्रेगनेंसी के दौरान भी इसी पोजीशन में सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाने की सलाह देते हैं। क्योंकि इसमें महिला के ऊपर किसी प्रकार का कोई तनाव या दबाव नहीं आता और सेटिस्फेक्शन भी मिलता है।
फायदे:
- स्पूनिंग पोजिशन बेहद रिलैक्सिंग और आरामदायक होती है।
- इसे लंबे समय तक बिना थके हुए किया जा सकता है।
- यह स्लो और इंटिमेट अनुभव के लिए बहुत बेहतर है।
लोटस पोजिशन: लोटस पोजिशन कामसूत्र की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे कठिन पोजीशन मानी जाती है। इस पोजीशन में एक पार्टनर बैठता है दूसरा पार्टनर उसकी गोद में बैठता है। इन दोनों की पोजीशन ऐसे बनती है जैसे कमल का फूल पड़ा हो। दोनों एक दूसरे को पड़कर सेक्सुअल रिलेशनशिप का आनंद लेते हैं। लेकिन यह पोजीशन जल्दबाजी में सक्सेसफुल नहीं बनती बल्कि यहां धीरे-धीरे प्रैक्टिस के साथ और बेहतर कनेक्शन के बाद ही आनंद मिलता है।
फायदे:
- यह पोजीशन इमोशनल और रोमांटिक कनेक्शन बनाने में मदद करती है।
- सबसे खास बात यह एक मेडिटेशन जैसा अनुभव देती है।
- इसमें नजदीकी समझ और ज्यादा बढ़ती है और तनाव तेजी से कम होता है।
अलग-अलग सेक्स पोजीशन के हेल्थ फायदे
- अलग-अलग सेक्स पोजीशन केवल शारीरिक संबंधों को ही मधुर नहीं बनाती बल्कि मानसिक हेल्थ में भी सुधार करते हैं।
- क्योंकि सेक्सुअल रिलेशनशिप के दौरान शरीर डोपामिन एंडोर्फिन जैसे हैप्पी हार्मोन रिलीज करता है।
- ऑक्सीटोसिव स्ट्रेस को काम करता है इसीलिए अलग-अलग पोजीशन जब शारीरिक आनंद देती है।
- यह नयापन और रिलैक्सेशन को बढ़ाती हैं।
- इससे नींद अच्छी आती है।
- इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
- हार्ट हेल्थ बेहतर होती है।
- सबसे खास बात इससे पार्टनर्स के बीच बॉन्डिंग बढ़ती है।
सही पोजीशन का चुनाव कैसे करें
- सही पोजीशन का चुनाव करने के लिए अपने पार्टनर के साथ बात करें।
- उनके कंफर्ट को प्राथमिकता दें।
- पार्टनर से पूछे की उन्हें क्या अच्छा लगता है? क्या नहीं?
- नई चीजें ट्राई करें, यदि किसी भी पोजीशन में दर्द या असुविधा महसूस होती हो तो वही रोक दें।
सेक्स पोजीशन केवल शारीरिक आनंद का माध्यम नहीं है। बल्कि यह रिश्तो को मजबूत बनाने का जरिया भी है। अलग-अलग सेक्स पोजीशन आपके स्वास्थ्य को मजबूत करती हैं। यह आपके शरीर को एक्टिव रखते हैं और इसमें पार्टनर्स के कंफर्ट और सहमति से एक अलग कनेक्शन बनता है जो रिश्तो को लॉन्ग टर्म में बनाए रखने और खुश रहने का काम करता है।

















