हाथरस केस यूपी पुलिस पर कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं पुलिस और कुछ लोगों की तरफ से वयान आया कि हाथरस केस रेप का मामला नहीं यह आपसी रंजिस का मामला है, लड़की की गला घोंटकर हत्या की गई है उसका रेप नहीं किया गया। ट्वीटर पर ट्रेंड हाथरस केस की सच्चाई के कुछ वीडियो बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं,

हाथरस केस की भीषण घटना के विरोध में देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखें जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन पर बोलते हुए, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ दूसरे पार्टी के नेताओं को पीड़ित के परिवार के सदस्यों से मिलने से रोक दिया जा रहा है।
हाथरस केस यूपी पुलिस पर कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं पुलिस और कुछ लोगों की तरफ से वयान आया कि हाथरस केस रेप का मामला नहीं यह आपसी रंजिस का मामला है, लड़की की गला घोंटकर हत्या की गई है उसका रेप नहीं किया गया। ट्वीटर पर ट्रेंड हाथरस केस की सच्चाई के कुछ वीडियो बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं,
यहां देखें वीडियो-
मैं हाथरस से हूँ
— Deepak Sharma (@TheDeepak2020In) October 2, 2020
बिका हुआ पत्रकार नहीं हूँ
एक आम इंसान हूँ किसी पार्टी का गुलाम नहीं हूँ#हाथरस_का_सच pic.twitter.com/zWtvR5jwVL
Dear @aajtak plz ये 3 क्लिप क्यों नही चला रहे TV पे? इसमे साफ साफ आपसी रंजिश की बात करी गयी है, ना कि रेप की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ये चलाइये और जनता को स्वंम नतीजे पे पहुचने दीजिये। मीडिया खुद जी Judge Jury & Executioner बन गयी है! pic.twitter.com/dVlIzO4gQx
— Niranjan Mohanty (@NiranjanPapun) October 2, 2020
NO RAPE BUT OLD FAMILY RIVALRY#हाथरस_कांड_बिकाऊ_मीडिया@PistolPandey pic.twitter.com/qQxkcmLckO
— Shivangi Thakur (@Shivang80224125) October 3, 2020
वहीं दूसरी तरफ हाथरस की घटना पर पलटवार करते हुए, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर निलंबित करने का आदेश दिया है। आदित्यनाथ ने एसपी हाथरस, विक्रांत वीर और चार अन्य स्थानीय पुलिसकर्मियों को उन घटनाओं में कर्तव्य परायणता के लिए निलंबित कर दिया है, जिनकी वजह से 19 वर्षीय एक महिला की मृत्यु हो गई और फिर रात में पीडि़ता का दाह संस्कार उसके परिवार की सहमति के बिना हुआ।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राम शब्द, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, वरिष्ठ उप निरीक्षक जगवीर सिंह व हेड मोहर्रिर महेश पाल को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। https://t.co/wo4US0suxS pic.twitter.com/kUWlHWlpBP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 2, 2020