Shocking! Food Delivery Boys Brutally Beaten Up By Police For ‘Being On Road’ लॉकडाउन के चलते आयी एक और दर्दनाक घटना- जानिए पूरी खबर देश में लॉकडाउन की स्थितियों के बीच कई स्थानों पर फूड डिलिवरी करने वाले एजेंट्स की पिटाई के मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे एजेंट्स की कुछ तस्वीरों को शेयर करते हुए यूजर्स ने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

लॉकडाउन के चलते आयी एक और दर्दनाक घटना- जानिए पूरी खबर
जैसा कि हम पहले भी बात कर चुके हैं पूरा देश इन दिनों लॉकडाउन पर है। यह मान सकते है कि कोरोना से बचने के लिए यह आवश्यक है कोरोनवायरस से खुद को बचाने के लिए हम केवल यही कर सकते हैं कि घर के अंदर रहना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और इस अवधि के दौरान घर से बाहर कदम न रखें। लेकिन देश में कई जगह इसके नकारत्मक प्रभाव देखने को मिल रहें है। एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आ रही हैं जो कि आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी।
एक फूड डिलवरी वॉय को मुम्बई की पुलिस द्वारा बुरी तहर से पीटा गया। इन तस्वीरों को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं। कि पुलिस का वेरहम रवैया कई बेगुनाह लोगों के लिए बहुत ही नुकसान दायक है।
लॉकडाउन के बीच, लोगों ने फूड डिलीवरी लड़कों की पिटाई की तस्वीरें ट्वीटर पर साझा कीं, और साथ में यह लिखा कि यह लोग जिनको बिना सोचे समझे मारा जा रहा है यह भी नौकरी के लिए ही अपनी जान जोखिम में डालकर लोगो तक खाना और दवाएं पहुंचा रहें है। लोग ट्वीटर पर इस घटना परअपनी प्रतिक्रियाएं भी साझां कर रहें है-
यहां तक कि डिलीवरी साइट Delivery मिल्क बास्केट ’ने अपने ग्राहक के लिए एक ट्वीट साझा किया। वे शहरों में कोरोनवायरस के रूप में अपनी सेवाओं को रोकने के बारे में ग्राहकों को सूचित करते हैं। उन्होंने लिखा-
रविवार को, हमने अपने सभी ग्राहकों को सुबह 5:30 बजे से पहले डिलीवर कर दिया और मिलबॉस्कट विक्रेताओं को 'सड़क पर रहने' के लिए अधिकारियों द्वारा परेशान किया गया। ''
एक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि
"यहां तक कि अपनी ड्यूटी के लिए आने वाले सुरक्षा गार्डों को भी पुलिस ने पीटा"
स्थिति तनावपूर्ण है और सरकार के लिए भी एक चुनौती है। हालांकि, केंद्र से राज्य अधिकारियों को स्पष्ट संदेश होना चाहिए ताकि, जो लोग इस समय में कार्य करने में समाज की मदद कर रहे हैं, उनको नुकसान न हो।