बॉलीवुड एक्ट्रेस Radhika Apte एक बार फिर सोशल मीडिया के केंद्र में आ गई हैं। मां बनने के बाद फिल्मों में बढ़ती हिंसा पर बयान (दिसंबर 2025) ने ट्रोलिंग की बाढ़ ला दी – लोग Parched nude सीन और Rakta Charitra violence दिखा “हाइपोक्रेट” बोल रहे।

बयान का पूरा कोट: “मैं बेहद परेशान हूं… मनोरंजन के नाम पर बेची जा रही हिंसा से दुखी। अपने बच्चे (लिंडा, Dec 2024 birth) को ऐसी दुनिया में नहीं पालना चाहती।” Dhurandhar प्रमोशन में कही।

ट्रोलिंग क्यों?
यूजर्स: “Parched/Lust Stories में nude = ok, लेकिन Kill/Dhurandhar violence = no?” मीम्स वायरल: “Also Radhika: Ultra-violent Sacred Games!” 2026 में Dhurandhar 2 पर “खुली पोल” ट्रेंड।

Radhika Apte का बयान क्यों बना विवाद की वजह?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में मां बनीं राधिका आप्टे ने फिल्मों और वेब सीरीज में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने साफ कहा कि आजकल जिस तरह खून-खराबा और क्रूरता को एंटरटेनमेंट के तौर पर दिखाया जा रहा है, वो उन्हें काफी परेशान करता है। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चे को ऐसे माहौल में बड़ा नहीं करना चाहतीं जहां हिंसा को मनोरंजन की तरह पेश किया जाता हो। राधिका ने यह भी कहा कि कहानी बताने के लिए इतनी ज्यादा हिंसा दिखाना जरूरी नहीं होता। उनके मुताबिक, अगर किसी किरदार की कहानी बतानी है तो उसके हर खौफनाक दृश्य को दिखाना जरूरी नहीं है।

बयान के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई ट्रोलिंग

राधिका के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, लेकिन बड़ी संख्या में यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने उनकी पुरानी फिल्मों जैसे Parched और Lust Stories के सीन शेयर करते हुए उन पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब उन्होंने खुद बोल्ड और न्यूड सीन किए हैं, तो अब हिंसा पर सवाल उठाना “सेलेक्टिव सोच” दिखाता है।

पहले खुद की फिल्में देखो – यूजर्स के तंज

OMG! Radhika Apte goes nude with Rajini's villain https://t.co/edmTA7UjWD

कुछ लोगों ने उनकी फिल्मों Rakta Charitra, Sacred Games और Badlapur का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें भी हिंसा और बोल्ड कंटेंट था। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि जब खुद ऐसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं, तो अब अचानक हिंसा के खिलाफ बोलना समझ से बाहर है। कुछ ने इसे हाइपोक्रेसी तक बता दिया।

मजाक और मीम्स तक पहुंचा मामला

यह विवाद सिर्फ आलोचना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे मजाक और मीम्स में बदल गया। कुछ लोगों ने व्यंग्य करते हुए फिल्म इंडस्ट्री पर भी निशाना साधा और कहा कि जल्द ही न्यूड एक्टर्स गिल्ड भी उनके समर्थन में बयान दे सकता है।

यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर एक तरह की कल्चर वॉर बन गया है, जहां लोग अपनी-अपनी सोच के हिसाब से पक्ष और विपक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं।

Sister Midnight भी विवादों में, CBFC ने लगाए कट्स

इसी बीच राधिका आप्टे की आने वाली फिल्म Sister Midnight भी चर्चा में आ गई है। इस फिल्म को Central Board of Film Certification (CBFC) ने कुछ बदलावों के साथ पास किया है।

फिल्म में एक सीन जिसमें फ्रंटल न्यूडिटी दिखाई गई थी, उसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फिल्म की शुरुआत में एक डिस्क्लेमर जोड़ने को कहा गया है, जिसमें साफ लिखा होगा कि फिल्म अंधविश्वास या काले जादू को बढ़ावा नहीं देती।

क्या है फिल्म की कहानी?

राधिका आप्टे का यह बयान

डायरेक्टर Karan Kandhari की इस फिल्म ने Cannes Film Festival 2024 में भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। फिल्म की कहानी उमा नाम की एक नई-नई शादीशुदा महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी धीरे-धीरे बिखरने लगती है जब उसका पति मानसिक रूप से उसे परेशान करने लगता है।

बढ़ता विवाद, बंटी हुई राय

फिलहाल राधिका आप्टे का यह बयान सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। एक तरफ लोग उनकी बात को सही ठहरा रहे हैं और कंटेंट की दिशा पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग उनके पुराने काम को लेकर उन्हें घेर रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इस बात की बहस बन गया है कि फिल्मों में दिखाया जाने वाला कंटेंट समाज को कितना प्रभावित करता है और कलाकारों की जिम्मेदारी कहां तक होती है।