Lifestyle: कान के अंदर पाए जाने वाले पीले रंग के पदार्थ को आम भाषा में कान का मैल (Ear Wax) कहा जाता है, कई लोग इसे गंदगी मानकर रोजाना कान की सफाई करते हैं। लेकिन यह मैल कान को हेल्दी रखने के लिए जरूरी होता है। वास्तव में आप जिसे मैल समझकर साफ...

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राजधानी दिल्ली की कई जगहों पर पिठले कुछ समय में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है जो 20 रुपये से लेकर 200 रुपये में आपके कान को पूरी तरह से साफ (Ear Wax) करने का वादा करते हैं।
इतना ही नहीं ये अपने ग्राहकों को यकीन दिलाने के लिए ग्राहकों के कानों से चने के दाने बराबर मैल निकाल देते हैं। इससे उन लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता कि बिना जानकारी के ऐसा करने से कानों पर कितना बेकार प्रभाव हो सकता है, इससे पर्दे खराब हो सकते हैं।
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अगर आपके कान में मैल (Ear Wax) बनता है तो सीधे किसी ईएनटी सर्जन के पास जाएं। हर सरकारी अस्पताल में ENT स्पेशलिस्ट मौजूद होता है, वहां न के बराबर फीस चुकाकर आप उचित इलाज करा सकते हैं।
अक्सर लोग ईयर बड्स से कान साफ करने की कोशिश करते हैं लेकिन उससे मैल बाहर नहीं निकलता बल्कि और अंदर चला जाता है। इसके इस्तेमाल से कान के कैनाल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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Ear Wax मतलब मैल, एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह कान की त्वचा को चोट से बचाता है। यह वैक्टीरिया, वायरस, फंगस और पानी से भी कान की सुरक्षा करता है। यह मैल ही आपके कान को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है।
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