76,800 पर जापान और कोरिया के मार्केट 7% गिरे मुंबई। US, इज़राइल और ईरान (US-Iran war) के बीच झगड़े के कारण 9 मार्च को शेयर मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स लगभग 2,100 पॉइंट (2.60%) गिरकर 76,800 पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी भी लगभग 700 पॉइ...
76,800 पर जापान और कोरिया के मार्केट 7% गिरे
मुंबई। US, इज़राइल और ईरान (US-Iran war) के बीच झगड़े के कारण 9 मार्च को शेयर मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स लगभग 2,100 पॉइंट (2.60%) गिरकर 76,800 पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी भी लगभग 700 पॉइंट (2.70%) गिरकर 23,800 पर ट्रेड कर रहा है। आज बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG स्टॉक्स में भारी बिकवाली हो रही है।
जियोपॉलिटिकल टेंशन और युद्ध जैसे हालात से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे कॉर्पोरेट प्रॉफिट कम हो सकता है। इसलिए, इन्वेस्टर्स अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सेफ जगह ढूंढते हैं, जिससे मार्केट में गिरावट आती है।
मार्केट में गिरावट के तीन मुख्य कारण
- ईरान-इज़राइल युद्ध के कारण सप्लाई चेन में रुकावट का डर।
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी।
- US और एशियाई मार्केट में गिरावट का असर भारत पर पड़ रहा है।
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10 दिनों में कच्चा तेल 60% बढ़ा
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें आज 25% से ज़्यादा बढ़कर $116 प्रति बैरल पर पहुँच गई हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, पिछले 10 दिनों में कच्चा तेल लगभग 60% महंगा हो गया है। इससे पहले, 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यह $100 के पार चला गया था।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं। इससे भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर असर पड़ सकता है, जो 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं। हालाँकि, भारत सरकार का कहना है कि उसके पास पर्याप्त तेल है।
एशियाई मार्केट में गिरावट
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 7% बढ़कर 5,166 पर ट्रेड कर रहा है। जापान का निक्केई 3,880 पॉइंट्स या 7% बढ़कर 51,740 पर ट्रेड कर रहा था।
हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 676 पॉइंट्स या 3% बढ़कर 25,081 पर ट्रेड कर रहा था।
चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 47 पॉइंट्स या 1% बढ़कर 4,075 पर ट्रेड कर रहा था।
6 मार्च को US मार्केट में गिरावट आई
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 453 पॉइंट्स (0.95%) गिरकर 47,501 पर बंद हुआ।
टेक-बेस्ड नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 1.59% गिरकर 22,387 पर बंद हुआ।
S&P 500 इंडेक्स 90 पॉइंट्स (1.33%) गिरकर 6,740 पर बंद हुआ।
शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 पॉइंट्स नीचे बंद हुआ।
इससे पहले, शुक्रवार, 6 मार्च को सेंसेक्स 1,097 पॉइंट (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 315 पॉइंट (1.27%) गिरकर 24,450 पर आ गया था।
विदेशी निवेशकों की लगातार और भारी निकासी
भारतीय बाज़ार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का निकलना जारी है। शुक्रवार को, FIIs ने कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में कुल ₹9,459 करोड़ बेचे, जो विदेशी निवेशकों की लगातार छठी बिक्री थी। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,972 करोड़ खरीदकर बाज़ार को कुछ सपोर्ट देने की कोशिश की, लेकिन विदेशी निकासी का दबाव बना हुआ है।
ग्लोबल बाज़ारों में बड़े पैमाने पर बिकवाली
कच्चे तेल और युद्ध ने दुनिया भर के बाज़ारों पर असर डाला है। एशियाई बाज़ारों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई है; जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स 7.4% और टॉपिक्स 5.8% गिरा। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 4.3%, हांगकांग का हैंग सेंग 2.9% और शंघाई कम्पोजिट 1.3% गिरा। US मार्केट भी भारी दबाव में थे, डाउ फ्यूचर्स लगभग 900 पॉइंट्स नीचे और S&P 500 फ्यूचर्स 2.2% नीचे थे।