चांदी में 24% गिरावट: यदि आप भी निवेश की दुनिया में थोड़ी बहुत रुचि रखते हैं तो आज चांदी का हाल देखकर आपका दिल भी जरूर बैठ गया होगा। जी हां, एक ही दिन में चांदी करीब 96 हजार प्रति किलो सस्ती हो गई। वहीं चांदी जो कल तक रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज कर रही थी आज धड़ाम से नीचे गिर गई। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठने लगा है कि क्या चांदी में लगा हुआ पैसा डूब जाएगा? कहीं बाजार में 1980 जैसा सिल्वर थर्सडे का इतिहास तो नहीं दोहराया जाएगा?
जी हां, 30 जनवरी 2026 कमोडिटी निवेश के क्षेत्र में काफी खराब दिन था, क्योंकि आज चांदी की कीमत में अचानक से भयानक मोड़ ले लिया। MCX पर चांदी के भाव में एक साथ 24% यानी करीबन 96 हजार प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई। यह वही चांदी है जिसके भाव कल तक आसमान छू रहे थे आज रिकॉर्ड तोड़ गिरावट के साथ बंद हुए। इस घटना ने निवेशकों को सदमे में डाल दिया है। हर कोई शुक्रवार की रिकॉर्ड तोड़ गिरावट से चौंक गया है।
चांदी के दाम में गिरावट के मुख्य कारण
- शाम को मार्केट बंद होते होते चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर नीचे गिर चुके थे, जिसमें प्रति किलोग्राम 96,000 रुपए की कटौती दर्ज की गई। इसका सबसे बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग बताया जा रहा है। क्योंकि चांदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद लोगों ने इसे बेचना शुरू कर दिया जिसकी वजह से बाजार पर दबाव बढ़ता गया। फिजिकल चांदी बिकने लगी और दाम कम हो गए।
- चांदी के कीमत में गिरावट का दूसरा मुख्य कारण डॉलर की मजबूती रहा, क्योंकि जब-जब डॉलर मजबूत हो जाता है तब कीमती धातुओं पर दबाव पड़ता है।
- चांदी की कीमतों में गिरावट का एक और कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव भी रहा क्योंकि जब बाहर भाव गिरते हैं तो भारत में भी इसका असर पड़ता है।
- और जब एक बार कीमत गिरनी शुरू हुई तो लोगों में डर फैल गया लोगों ने जल्दी-जल्दी चांदी बेचनी शुरू कर दी जिसकी वजह से गिरावट और तेज हो गई।
क्या आज की हालत 1980 के सिल्वर थर्सडे की तरह है?
आज जब चांदी का मार्केट गिर रहा था तब निवेशकों में ऐसा ही डर देखा गया जैसा 1980 के दौरान बाजार में देखा गया था। लेकिन सीधी भाषा में कहें तो आज हालात उतने खराब नहीं हुए। 1980 में चांदी की कीमत 90% तक गिर गई थी लेकिन आज गिरावट 24% पर रुक गई है। आज बाजार पर किसी एक व्यक्ति या एक तबके का कब्जा नहीं है। बाजार के नियम आज पहले से ज्यादा सख्त हैं। सट्टेबाजी नहीं हो रही। लेकिन बाजार की गिरावट इतना स्पष्ट कर देती है कि जो चीज तेजी से ऊपर जाती है वह इतनी तेजी से गिर भी सकती है।
क्या है 1980 के सिल्वर थर्सडे की कहानी?
1980 का सिल्वर थर्सडे इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। क्योंकि इस दिन चांदी में 90% की गिरावट दर्ज की गई थी। 1980 के सिल्वर थर्सडे की कहानी भी आज की तरह ही है जब अचानक से चांदी में जोरदार गिरावट देखी गई। यह घटना 27 मार्च 1980 को अमेरिका के बाजार में घटी जिसे आज भी सिल्वर थर्सडे के नाम से जाना जाता है।
असल में इस घटना में अमेरिका के हंट ब्रदर का हाथ था। तीन अमेरिकी भाई जिन्होंने चांदी के बाजार को नियंत्रित करने की कोशिश की। बड़े पैमाने पर चांदी खरीदी और चांदी के स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया। इसका परिणाम यह हो गया की चांदी की कीमत जो $6 वह बढ़कर उन $50 प्रति औंस पर पहुंच गई। मतलब सीधा-सीधा 713% की वृद्धि। लेकिन धीरे-धीरे अमेरिकी सरकार ने कीमती धातुओं से जुड़े मार्जिन नियमों को कड़ा कर दिया और यही से शुरू हुई हंट ब्रदर की मुश्किलें। क्योंकि वे अब सौदा नहीं कर पा रहे थे मजबूरन उन्हें चांदी बेचनी पड़ी। हद इतनी हुई की चांदी की कीमत 50% घटकर सीधा $11 पर पहुंच गई, जिसकी वजह से वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई और सिल्वर निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
चांदी की गिरावट के बाद अब निवेशकों की रणनीति क्या होनी चाहिए ?
- आज चांदी में इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों को सबसे पहले तो संयम बरतना चाहिए, क्योंकि इस दौरान गलत फैसला नुकसान को और बढ़ा देता है।
- इसीलिए जल्दबाजी में किसी भी प्रकार की खरीदी या बिक्री न करें।
- यदि आपके पास पहले से ही चांदी रखी है तो डर से ना बेचें और अगर खरीदने का मन है तो एक साथ पूरा पैसा लगाने की जगह थोड़ा-थोड़ा इन्वेस्ट करें।
- कई बार बाजार में कीमतें बहुत तेजी से गिरती है और बाजार कुछ दिन अस्थिर रहता है लेकिन धीरे-धीरे यह स्थिति बेहतर भी होती है इसीलिए धैर्य रखें।
- यदि आपको निवेश करना ही है तो पूरा पैसा चांदी में ना लगाएं बल्कि अपने पोर्टफोलियो को बेहतर करें ताकि जोखिम कवर हो सके।
- सोशल मीडिया और व्हाट्सएप की खबरों से सावधान रहे क्योंकि यह गिरावट 1980 के गिरावट की तरह नहीं है, आज नियम काफी कड़े हो चुके हैं।
- सबसे जरूरी बात निवेश में उतार-चढ़ाव बना रहता है यदि दीर्घकालीन अवधि का निवेश करते हैं तो निश्चित ही फायदा होगा परंतु ध्यान रखें लमसम की जगह SIP को ही चुनें।
शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को चांदी में आई यह 24% की गिरावट केवल एक खबर नहीं है, यह एक संकेत है जो याद दिलाता है कि बाजार हमेशा एक जैसा नहीं होता। हालांकि लालच हमेशा महंगा पड़ सकता है। इसीलिए यदि निवेश करने के बाद रिटर्न की इच्छा रखते हैं तो संयम से काम लें, जल्दबाजी से बचें और एक साथ एक ही पोर्टफोलियो में निवेश करने की जगह डायवर्सिफिकेशन का रास्ता चुनें जिससे जोखिम कवर होता रहे और रिटर्न ज्यादा मिले।












