इंडिया AI Impact Summit 2026 के आखिरी दिन, इंडिया और यूनाइटेड स्टेट्स ने ऐतिहासिक “पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन” पर साइन किए। इस एग्रीमेंट का मकसद ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और AI सप्लाई चेन सिक्योरिटी को मजबूत करना और अनफ्रेंडली देशों पर निर्भरता कम करना है। यह डील इंडिया को ग्लोबल चिप मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम में एक स्ट्रेटेजिक रोल देती है।
अश्विनी वैष्णव: इंडिया सेमीकंडक्टर हब बनेगा
यूनियन मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव और US के इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग ने डिक्लेरेशन पर साइन किए। वैष्णव ने कहा कि पैक्स सिलिका में इंडिया के शामिल होने से इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को काफी फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि देश में 10 सेमीकंडक्टर प्लांट पर पहले से ही काम चल रहा है, और इंडिया का पहला चिप प्लांट जल्द ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर देगा। खास बात यह है कि इंडियन इंजीनियर देश के अंदर एडवांस्ड 2-नैनोमीटर चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं, जो इंडिया की टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को दिखाते हैं।
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को 1 मिलियन स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत है।
यूनियन मिनिस्टर के मुताबिक, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को भविष्य में लगभग 1 मिलियन और स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। भारत को इस ग्लोबल डिमांड को पूरा करने के लिए एक अहम देश माना जा रहा है। सरकार का मकसद भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और AI में ग्लोबल लीडर बनाना है।
AI Impact Summit 2026 US सपोर्ट: भारत की भूमिका स्ट्रेटेजिक
समिट में, US एम्बेसडर सर्जियो गोर ने कहा कि पैक्स सिलिका अलायंस में भारत की एंट्री सिर्फ सिंबॉलिक नहीं है, बल्कि स्ट्रेटेजिक रूप से ज़रूरी है। उनके मुताबिक, भारत के पास एक मजबूत इंजीनियरिंग टैलेंट पूल है जो किसी भी टेक्नोलॉजिकल चुनौती का सामना कर सकता है।
जब नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित मीटिंग के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इशारा किया कि यह सही समय पर हो सकता है।
पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद एक सुरक्षित और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर और AI इकोसिस्टम बनाना है, जहां कच्चे माल से लेकर एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर तक पूरी सप्लाई चेन सुरक्षित रहे। सदस्य देश:
- भारत
- USA
- ऑस्ट्रेलिया
- जापान
- इज़राइल
- दक्षिण कोरिया
- सिंगापुर
- UAE
- कतर
- ग्रीस
- UK
किसी विकासशील देश में पहला AI समिट
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 किसी विकासशील देश में आयोजित अपनी तरह का पहला AI समिट है। पांच दिन के इस इवेंट में दुनिया भर के नेताओं, मंत्रियों और टेक CEO ने हिस्सा लिया। कई बड़ी कंपनियों ने भारत में नए AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और इन्वेस्टमेंट की घोषणा की।
$200 बिलियन के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद
सरकार के अनुसार, अगले दो सालों में भारत में AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लगभग $200 बिलियन के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद है। यह पहल भारत को ग्लोबल AI और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।












