मोदी सरकार ने पिछड़े वर्ग OBC और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग EWS के छात्रो को एक को बड़ा तोहफा दिया है। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षण को मंजूरी दे दी है।

मोदी सरकार ने पिछड़े वर्ग OBC और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग EWS के छात्रो को एक को बड़ा तोहफा दिया है। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षण को मंजूरी दे दी है।
आकडों की माने तो कम से कम नीट यूजी और पीजी दाखिले में हर साल कम से कम 5000 छात्रो को सरकार के इस फैसले से फायदा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जुलाई को इस बात की घोषणा करते हुए अपने ट्वीटर हैंडल पर कहा कि “हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा/दंत पाठ्यक्रमों के लिए अखिल भारतीय कोटा योजना में ओबीसी के लिए 27% आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10% आरक्षण प्रदान करने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह हमारे हजारों युवाओं को हर साल बेहतर अवसर प्राप्त करने और हमारे देश में सामाजिक न्याय का एक नया प्रतिमान बनाने में बहुत मदद करेगा।“
This will immensely help thousands of our youth every year get better opportunities and create a new paradigm of social justice in our country.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 29, 2021
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस फैसले से हर साल एमबीबीएस कोर्स में करीब 1,500 ओबीसी और पोस्ट ग्रेजुएट में 2,500 ओबीसी छात्रों को फायदा होगा। इसी तरह, एमबीबीएस में लगभग 5,50 ईडब्ल्यूएस छात्र और स्नातकोत्तर में 1,000 छात्र इस फैसले से लाभान्वित हो सकेगें।
मोदी सरकार के इस फैसले पर दो प्रकार की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, कुछ लोग मोदी सरकार के इस फैसले पर खुश हैं तो कुछ लोग इसका जमकर विरोध कर रहे हैं।
Nahi chahiye 10% quota kisi ko. Quota wale doc banege aur scissors ko pet me chorenge. Plz stop this nonsense quota scheme. Dena h to sirf aur sirf every caste ke economically poor log ko de. Isse quota scheme se koi equality nahi aa rahi ulta hatred badh raha h.
— Manisha Rajput ????????⚔️ (@manisharajput55) July 29, 2021
Reservation is one of the longest going on scam in modern India.
— यज्ञसैनी (@Yajnasaini) July 29, 2021
We need to rethink and reconsider this policy of Reservation.
It's against the Equality enshrined in our constitution.
After 72 years of constitution, we couldn't bring equality despite Reservation.
मोदी जी आप को विकास और हिंदुत्व की राजनीति के लिए वोट दिया गया था लेकिन आप तो यह सब छोड़कर जातिवादी राजनीति पर उतर आए आपके चेहरे से ही घिन आने लगी है जिसमें 1986 से आरक्षण नहीं था आपने तो वहां भी आरक्षण दे दिया है
— वाल्मीकि भक्त (@Rachna71900155) July 29, 2021
थू है आप पर#जातिवादी_सवर्ण_विरोधी_मोदी