Bird Flu: महाराष्ट्र के ठाणे और पड़ोसी पालघर के वसई-विरार क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की सूचना के बाद, मनुष्यों में इसके फैलने पर चिंता लगाई जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मनुष्यों में वायरस के संक्रमण के संचरण की संभावना मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों या दूषित वातावरण के सीधे संपर्क के माध्यम से प्राप्त की जाती है।

महाराष्ट्र के ठाणे और पड़ोसी पालघर के वसई-विरार क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की सूचना के बाद, मनुष्यों में इसके फैलने पर चिंता लगाई जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मनुष्यों में वायरस के संक्रमण के संचरण की संभावना मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों या दूषित वातावरण के सीधे संपर्क के माध्यम से प्राप्त की जाती है।
बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लुएंजा एवियन (पक्षी) इन्फ्लुएंजा (फ्लू) टाइप ए वायरस के संक्रमण के कारण होने वाली स्थिति है जो आमतौर पर जंगली जलीय पक्षियों में देखी जाती है। यह घरेलू पोल्ट्री, अन्य पक्षियों और जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। हालांकि एवियन फ्लू के वायरस आमतौर पर मनुष्यों को संक्रमित नहीं करते हैं और ऐसा संक्रमण दुर्लभ है, लेकिन मनुष्यों में प्रसार को रोकने के लिए सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।

बर्ड फ्लू बीमारी सिर्फ पक्षियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि जानवरों के साथ साथ इंसानों के लिए भी यह काफी खतरनाक है। इस बीमारी से संक्रमित होने बालें जानवरों के संपर्क में आने से इंसान भी आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। जो इंसानों की मौत का कारण भी बन सकती है।
बर्ड फ्लू में एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन होता है। इस फ्लू का (H5N1) पहला ऐसा वायरस था जिसने पहली बार इंसानो को संक्रमित किया था। यह बीमारी पक्षियों की लार, मल, और नाक से इंसानों तक पहुंचती है।
ये लक्षण दिखाई दें तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं
याद रखने योग्य बात-
बर्ड फ्लू एक पक्षियों से फैलने वाली बीमारी है, चिकन और अंडा खाने वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है साथ ही किसी पक्षी के संपर्क में आने पर हपने हाथों को सेनिटाइज करना न भूलें।
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