भोपल: भारतीय जनता पार्टी की सांसद प्रज्ञा ठाकुर हर बार की तरह इस बार भी अपने विवादित बयान की वजह से चर्चाओं में हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के एक कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने वर्ण व्यवस्था पर एक विवादित बयान दिया जिसमें उन्होनें "निचली जातियों और शूद्रों" जैसे शब्दों का प्रयोग किया।

भोपल: भारतीय जनता पार्टी की सांसद प्रज्ञा ठाकुर हर बार की तरह इस बार भी अपने विवादित बयान की वजह से चर्चाओं में हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के एक कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने वर्ण व्यवस्था पर एक विवादित बयान दिया जिसमें उन्होनें "निचली जातियों और शूद्रों" जैसे शब्दों का प्रयोग किया।
अपने बयान में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा "हमारे समाज के धर्म शास्त्रों की व्यवस्था के लिए चार वर्ण तय किए गए हैं. जिसमें से ब्राह्मण को ब्राह्मण कह दो, बुरा नहीं लगता। क्षत्रिय को क्षत्रिय कह दो, बुरा नहीं लगता है। वैश्य को वैश्य कह दो, बुरा नहीं लगता। लेकिन शूद्र को शूद्र कह दो, बुरा लग जाता है।" इसका कारण बताते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने इसे नसमझी बताया।
यहां देखें वीडियो-
#WATCH | Kshatriya ko kshatriya keh do, bura nahi lagta. Brahmin ko brahmin keh do, bura nahi laga. Vaishya ko vaishya keh do, bura nahi lagta. Shudra ko shudra keh do, bura lag jata hai. Kaaran kya hai? Kyunki samajh nahi paate: BJP MP Pragya Singh Thakur in Sehore, MP (12.12) pic.twitter.com/CbCctxmACp
— ANI (@ANI) December 12, 2020
अपने इस विवादित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा देखने को मिल रहा है। कई लोगों और विपक्ष पार्टी के नेताओं ने इस घटना को शर्मनाक कहा साथ ही कार्यवाही की मांग की। काग्रेंस पार्टी के कार्यकर्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घटना दलितों को अपमानित करती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य में ये हमेशा देखने को मिलता है।
मा. मोदी जी,
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) December 14, 2020
दलितों और ग़रीबों को वर्ण व्यवस्था में बांध कब तक अपमानित करेंगे भाजपाई?
और एस सी./एस टी. आरक्षण ख़त्म करने का एक और नया दुस्साहस!
एस.सी./एस.टी वर्गों के ख़िलाफ़ ये दुर्भावना बंद करे भाजपा।
क्या आप प्रज्ञा के खिलाफ कार्यवाही करेंगे?https://t.co/hgh6giaYMo
प्रज्ञा ठाकुर ने यह विवादित मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के एक ठाकुरों के कार्यक्रम में दिया है। जिसको लेकर एक बार फिर बीजेपी पार्टी औा प्रज्ञा ठाकुर को कठिनाइओं का सामना करना पड़ रहा है सोशल मीडिया पर इस बयान की जमकर आलोचना हो रही है।