9 फरवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भोपाल। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा विवादित बयान देने के मामले राज्य सरकार जल्द फैसला करेगी। संविधान एक्सपर्ट भी मानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है...
9 फरवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
भोपाल। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा विवादित बयान देने के मामले राज्य सरकार जल्द फैसला करेगी। संविधान एक्सपर्ट भी मानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है तो सरकार को अभियोजन का फैसला करना ही होगा। दूसरी ओर मोहन यादव सरकार और बीजेपी प्रदेश संगठन को इस मामले को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार है। सरकार के आला अफसरों की मानें तो इस मामले में कुछ न कुछ जल्द होने वाला है। सरकार सभी परिस्थितियों पर विचार कर रही है और केंद्रीय नेतृत्व को सभी तरह के हालातों से अवगत करा दिया है।
अफसरों का भी कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने दिल्ली प्रवास के दौरान भी इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है और केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के आधार पर आगे की कार्यवाही के लिए कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को राज्य सरकार को दिया था निर्देश
चूंकि पूरा मामला कैबिनेट मंत्री की अभियोजन स्वीकृति का है, जिसके लिए मुख्यमंत्री का अनुमोदन जरूरी है, इसलिए फैसला मुख्यमंत्री को ही लेना है। सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी तक उनके पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि विजय शाह के विरुद्ध एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर लंबित अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के अंदर निर्णय लिया जाए। यह अवधि 2 फरवरी को पूरी हो गई है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
इधर इस मामले में विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव और संविधान विशेषज्ञ भगवान देव इसराणी का कहना है कि सरकार को फैसला तो लेना ही पड़ेगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मामला है और कोर्ट ने अभियोजन स्वीकृति देने को कहा है तो देना भी पड़ेगा। यह अलग बात है कि अभी दो तीन का वक्त है तो सरकार सभी पक्षों पर विचार कर रही होगी।
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9 फरवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सरकार के सूत्रों को कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 फरवरी को है, लेकिन कार्यदिवस के आधार पर 2 सप्ताह की मोहलत 5 फरवरी तक है। इसलिए सरकार के पास अभी 3 दिन का वक्त है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी 6 माह पहले ही अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज चुकी है। रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि के साथ ही मुकदमा चलाने की स्वीकृति देने की सिफारिश की गई है।
कर्नल सोफिया अपमान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री को लगाई थी फटकार
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए शाह की ऑनलाइन माफी पर कोर्ट ने कहा था कि इसमें अब बहुत देर हो गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला लें।
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है।
महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा- सेना की अधिकारी, देश की बेटी और राष्ट्र के सम्मान पर हमला हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महीनों तक SIT की रिपोर्ट दबाए बैठी रही। यह कोई एक बयान नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनपती असंवेदनशील और घृणित मानसिकता का उदाहरण है।
देश की सुरक्षा में तैनात हमारी बहन के प्रति ऐसी ओछी सोच रखने वाले मंत्री विजय शाह से मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा लेकर पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करना चाहिए। देश की सेना और महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं। कानून सबके लिए बराबर है, मंत्री के लिए भी।
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विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान
11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'
शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'