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कौन हैं सुनीता जाट? प्रेग्नेंसी में पति ने छोड़ा, गोद में बच्चे को लेकर पास की UPSC CMS परीक्षा

सुनीता जाट

कौन हैं सुनीता जाट? अक्सर कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति में हिम्मत और आत्मविश्वास हो, तो बड़ी से बड़ी बाधा भी उसे अपने लक्ष्य तक पहुँचने से नहीं रोक सकती। राजस्थान के भीलवाड़ा ज़िले के सुवाना गाँव की रहने वाली सुनीता जाट की कहानी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने जीवन में कई मुश्किल चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। गर्भावस्था के दौरान पति द्वारा छोड़ दिए जाने के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार UPSC कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज़ (CMS) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की।

सुनीता जाट बचपन से ही होनहार छात्रा

सुनीता जाट ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ लड़कियों की कम उम्र में शादी को प्राथमिकता दी जाती थी। हालाँकि, उनके पिता चाहते थे कि उनकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और जीवन में आगे बढ़े। पिता के इस सहयोग की बदौलत, सुनीता ने मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की; उन्होंने AIPMT में ऑल-इंडिया रैंक 27 हासिल की और MBBS प्रोग्राम में दाखिला लिया।

इसके बाद, उन्होंने मेडिकल PG प्रवेश परीक्षा में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल-इंडिया रैंक 30 हासिल की। ​​उनकी कड़ी मेहनत और लगन उन्हें लगातार सफलता की ओर ले जा रही थी।

पिता के निधन के बाद एक बड़ा झटका

सुनीता जाट अपने पिता के बहुत करीब थीं। हालाँकि, मेडिकल PG परीक्षा के बाद उनका निधन हो गया एक ऐसी घटना जिसने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया। कुछ समय तक वह मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझती रहीं। इसके बावजूद, उन्होंने खुद को संभाला और UPSC CMS परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उनका सपना मेडिकल क्षेत्र में देश की सेवा करना था।

शादी के बाद की चुनौतियाँ

शादी के बाद सुनीता जाट के लिए जीवन आसान नहीं था। घर की ज़िम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच तालमेल बिठाना मुश्किल होता जा रहा था। सबसे कठिन समय तब आया जब वह छह महीने की गर्भवती थीं और उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया। ऐसे हालात में ज़्यादातर लोग टूट जाते हैं, लेकिन सुनीता ने हार नहीं मानी। न तो समाज की बातें और न ही उनकी मुश्किल स्थिति उनके इरादों को डिगा सकी।

बच्चे की देखभाल के साथ पढ़ाई

बच्चे के जन्म के बाद भी सुनीता जाट ने अपने सपने नहीं छोड़े। बच्चे की देखभाल करते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। इस पूरे सफ़र में उनकी माँ उनके साथ खड़ी रहीं और हर कदम पर उन्हें पूरा सहयोग और हौसला दिया। लगातार कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के ज़रिए, सुनीता ने 2025 की UPSC CMS परीक्षा में ऑल-इंडिया रैंक 23 हासिल की। इस उपलब्धि के साथ, उन्होंने अपना सपना पूरा किया और मेडिकल ऑफिसर बनने की दिशा में एक अहम कदम उठाया।

युवाओं के लिए प्रेरणा

आज, सुनीता जाट की कहानी लाखों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने साबित कर दिया है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर कोई अपने लक्ष्य पर भरोसा रखे और लगातार कोशिश करता रहे, तो सफलता मिल सकती है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास, परिवार का साथ और लगातार कड़ी मेहनत से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

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