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पुणे कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात से लेकर कथित साजिश तक, जांच में हुए बड़े खुलासे

केतन अग्रवाल हत्याकांड

महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में अब आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते, उनकी मुलाकात और कथित हत्या की साजिश को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को लोहागढ़ किले के पास एक गहरी खाई में धक्का देकर पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की।

शुरुआत में क्या बताया था सिया गोयल ने?

घटना के बाद सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि केतन अग्रवाल फोटो खींचते समय अचानक संतुलन खो बैठे और खाई में गिर गए। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले, जिन्होंने इस बयान पर सवाल खड़े कर दिए।

अब पुलिस का दावा है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है।

सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात कैसे हुई?

पुणे ग्रामीण पुलिस सूत्रों के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी की पहली मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान एक साझा दोस्त की पार्टी में हुई थी।

जांच में सामने आया है कि शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।

पुलिस के मुताबिक फरवरी 2025 में सिया की सगाई केतन अग्रवाल से हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद वह चेतन के संपर्क में बनी रही और दोनों नियमित रूप से मिलते रहे।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया?

जांच अधिकारियों का मानना है कि सिया गोयल केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस को शक है कि यही कारण कथित हत्या की साजिश की मुख्य वजह बना।

पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।

हत्या की साजिश कहां बनाई गई?

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना से एक दिन पहले यानी 17 जून को सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे।

पुलिस के अनुसार इसी मुलाकात के दौरान दोनों ने कथित रूप से हत्या की अंतिम योजना पर चर्चा की। जांचकर्ताओं का मानना है कि दोनों ने लोहागढ़ किले के उस स्थान की पहचान की थी जहां से केतन को खाई में धक्का दिया जा सकता था।

14 जून को भी हुई थी हत्या की कोशिश?

पुलिस जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक 14 जून को भी केतन अग्रवाल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी।

जांच एजेंसियों का दावा है कि उस दौरान सिया ने कथित तौर पर केतन को धक्का दिया था, लेकिन वह एक पेड़ की शाखा पकड़कर बच गया।

बताया जा रहा है कि उस समय सिया ने केतन से कहा था कि उसे वहां सांप दिखाई दिया था और उसने उसे बचाने के लिए धक्का दिया था।

अब दोनों आरोपी एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप

घटना के बाद गिरफ्तारी होने पर दोनों आरोपियों ने कथित साजिश से खुद को अलग दिखाने की कोशिश शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक चेतन चौधरी ने जांचकर्ताओं को बताया है कि वह सिया के साथ भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहता था, लेकिन सिया ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने पर जोर दिया।

वहीं दूसरी ओर सिया गोयल ने पुलिस के सामने दावा किया है कि हत्या की योजना चेतन की थी। उसने आरोप लगाया कि 14 जून की कथित असफल कोशिश के बाद चेतन भावुक हो गया था और उसने ही दोबारा योजना बनाने की बात कही थी।

29 जून तक न्यायिक हिरासत में आरोपी

फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज रखा है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सबूत जुटाए जा रहे हैं।

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर इस हाई-प्रोफाइल मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

केतन अग्रवाल हत्याकांड अब एक कथित प्रेम प्रसंग, सगाई और सुनियोजित हत्या की साजिश के एंगल से जांच के दायरे में है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह वास्तव में दुर्घटना थी या फिर पहले से रची गई साजिश का परिणाम। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम सच्चाई अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के बाद ही सामने आएगी।

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